नासिक के सायखेड़ा में बाढ़ का पानी (फोटो नवभारत) 
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नासिक में कुदरत का कहर! गोदावरी-दारणा नदियां उफान पर, 84 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, कई गांव डूबे

Nashik Flood News: नासिक जिले में भारी बारिश के कारण गोदावरी और दारणा नदियों में भयंकर बाढ़ आ गई है। सायखेड़ा सहित दर्जनों गांव जलमग्न हो चुके हैं, फसलों और व्यापार को भारी नुकसान पहुंचा है।

आकाश मसने

Godavari River Overflow: नासिक जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गोदावरी और दारणा नदियों में भीषण बाढ़ आ गई है। गोदावरी नदी के किनारे बसे कई गांव बाढ़ से घिर गए हैं। निफाड तहसील के सायखेड़ा गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से गंगानगर, मुख्य बाजार और मेन रोड क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। स्थिति गंभीर होने पर प्रशासन ने नागरिकों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और सायखेड़ा स्थित विद्यालय में उनके रहने की व्यवस्था की है। सायखेड़ा पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

बांधों से छोड़ा गया रिकॉर्ड पानी

गंगापुर, दारणा और नांदूर मध्यमेश्वर बांधों से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने के कारण गोदावरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसके साथ ही गोदावरी की सहायक नदियों से भी भारी मात्रा में पानी आने से बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। नांदूर मध्यमेश्वर बांध से लगभग 84 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे नदी किनारे के कई गांवों में पानी भर गया है।

हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद, प्याज बहा

बाढ़ के कारण चाटोरी, सायखेड़ा, गोदानगर, शिंगवे, चापडगांव, कोठुरे, मांजरगांव और करंजगांव क्षेत्र की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। कई घंटों से फसलों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे खड़ी फसलों के बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका व्यक्त की जा रही है। किसानों पर भारी आर्थिक संकट मंडरा रहा है और नुकसान का पंचनामा कर मुआवजा देने की मांग की जा रही है।

नासिक के सायखेड़ा में सड़काें पर बाढ़ का पानी (फोटो नवभारत)

सायखेड़ा गांव के मेन रोड, चौफुली, चाटोरी रोड और भेंडाली रोड स्थित कई दुकानों में बाढ़ का पानी घुसने से व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। किराना, हार्डवेयर, सब्जी तथा अन्य व्यापारियों का माल पानी में खराब हो गया। सायखेड़ा कृषि उपज मंडी समिति परिसर में भी पानी भर जाने से व्यापारियों द्वारा भंडारित प्याज बह गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

प्रशासन अलर्ट पर, मौके पर डटे वरिष्ठ अधिकारी

बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरी मशीनरी को सतर्क रखा है। नासिक जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओंकार पवार, प्रांताधिकारी शशिकांत मंगरुले और तहसीलदार विशाल नाईकवाडे सायखेड़ा में डेरा डालकर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आपदा प्रबंधन, राजस्व, पुलिस और ग्राम पंचायत प्रशासन के समन्वय से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है तथा बाढ़ प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

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