Ashok Kharat Nashik Case: महाराष्ट्र के नासिक में महिलाओं के यौन शोषण, धोखाधड़ी और अंधविश्वास फैलाने के आरोपी स्वयंभू बाबा अशोक खरात की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार को छठे मामले में पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद खरात को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नासिक अदालत में पेश किया गया। इस दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे न केवल चौंकाने वाले हैं, बल्कि एक संगठित अपराध की ओर इशारा करते हैं।
सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने अदालत में दलील दी कि अशोक खरात को वर्तमान परिस्थितियों में न्यायिक हिरासत में रखना उसकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। समाज में उसके खिलाफ बढ़ते आक्रोश को देखते हुए जांच एजेंसी ने उसकी सुरक्षा और गहन पूछताछ की आवश्यकता पर जोर दिया। हालांकि, अदालत ने छठे मामले में उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है, लेकिन विशेष जांच दल (SIT) पहले से ही उसे सातवें नए मामले में अपनी कस्टडी में लेने के लिए आवेदन दे चुका है।
जांच में एक बेहद दिलचस्प लेकिन शर्मनाक पहलू सामने आया है। आरोप है कि खरात ने अपने ही चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को अपने प्रभाव में लेने के लिए हाथ की सफाई का सहारा लिया। उसने हवा में हाथ घुमाकर काजू कतली निकाली और उसे दैवीय प्रसाद बताकर पेश किया। यह घटना साल 2017 की बताई जा रही है। केवल इतना ही नहीं, खरात पर आरोप है कि उसने लोगों को उनके मृत परिजनों का डर दिखाकर और नरक की यातनाओं का भय दिखाकर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि खरात पूछताछ के दौरान बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहा है। वह बार-बार स्वास्थ्य खराब होने का बहाना बनाता है या 'याद नहीं है' कहकर सवालों को टालने की कोशिश कर रहा है। पुलिस इसे जांच को भटकाने की एक सोची-समझी रणनीति मान रही है। दूसरी ओर,अशोक खरात के फार्महाउस पर काम करने वाले कर्मचारियों और रसोइयों (कुक) ने भी अब चुप्पी तोड़ी है। कर्मचारियों ने बाबा की संदिग्ध गतिविधियों और महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार की पुष्टि की है। पुलिस को फार्महाउस से कुछ महत्वपूर्ण सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी मिले हैं, जो यौन शोषण के मामलों में आरोपी के खिलाफ सबसे बड़े सबूत साबित हो सकते हैं।
SIT का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कई रसूखदार लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं जो इस 'काजू कतली वाले बाबा' के अंधविश्वास के जाल में फंसे हुए थे। फिलहाल, नासिक पुलिस और SIT सातवें मामले में गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है, जिससे खरात की जेल की राह और लंबी होना तय है।