Nashik District Cooperative Bank: लंबे समय से वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही नासिक जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने मानसून सत्र के दौरान पेश की गई अनुपूरक मांगों में बैंक के पुनर्पूंजीकरण के लिए 672 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है। इस फैसले से बैंक की आर्थिक स्थिति मजबूत होने और उसकी कार्यक्षमता में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।
रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार प्रत्येक जिला सहकारी बैंक के लिए न्यूनतम 9 प्रतिशत पूंजी पर्याप्तता अनुपात बनाए रखना अनिवार्य है। नासिक जिला सहकारी बैंक इस मानक को पूरा नहीं कर पा रहा था, जिसके चलते उस पर नियामकीय कार्रवाई और बैंकिंग लाइसेंस पर संकट की आशंका बनी हुई थी। इसी स्थिति को देखते हुए रिजर्व बैंक ने राज्य सरकार को सहकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया था।
नासिक जिला सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था और कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार माने जाते हैं। किसानों को फसल ऋण, कृषि निवेश और अन्य वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में इनकी अहम भूमिका होती है। बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण ऋण वितरण प्रभावित हो रहा था, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
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672 करोड़ रुपये की सहायता मिलने के बाद बैंक के लिए आरबीआई के वित्तीय मानकों का पालन करना आसान होगा। साथ ही बैंक की वित्तीय क्षमता बढ़ने से किसानों को समय पर फसल ऋण और अन्य बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी सुधार आने की संभावना है। इससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक समर्थन प्राप्त होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार की यह वित्तीय सहायता केवल बैंक को तत्काल राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास भी मजबूत होगा। पुनर्पूंजीकरण के बाद बैंक के संचालन में स्थिरता आने और ग्रामीण विकास से जुड़े वित्तीय कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।