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सिन्नर तहसील में दिव्यांग लाभार्थियों को अनाज आपूर्ति बंद करने संबंधी नोटिस जारी किए गए हैं।
संगठन ने नोटिस तत्काल वापस लेने और दिव्यांगों का राशन पूर्ववत जारी रखने की मांग की है।
परिवार के एक सदस्य के नौकरी करने या आईटीआर दाखिल करने पर सभी सदस्यों का राशन बंद करना अन्यायपूर्ण बताया।
Sinnar Ration Notice: सिन्नर तहसील क्षेत्र के दिव्यांगजनों के राशन कार्ड पर मिलने वाले अनाज की आपूर्ति बंद करने के संबंध में आपूर्ति विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाने से दिव्यांग लाभार्थियों में चिंता का माहौल है। इन नोटिसों को तत्काल वापस लेकर दिव्यांगजनों को राशन के तहत मिलने वाला अनाज पूर्ववत जारी रखने की मांग प्रहार दिव्यांग संगठन की ओर से की गई है।
इस संबंध में नायब तहसीलदार सागर मुंदडा और आपूर्ति अधिकारी विवेक जमदाडे को ज्ञापन सौंपा गया। प्रहार के जिलाध्यक्ष ललित पवार और उपाध्यक्ष भाऊसाहेब सांगळे के मार्गदर्शन में यह ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि शासन के निर्धारित मानदंडों के अनुसार राशन कार्डों का सत्यापन करते समय यदि परिवार का कोई सदस्य आयकर रिटर्न दाखिल करता है अथवा परिवार का कोई व्यक्ति नौकरी करता है, तो संबंधित परिवार का राशन लाभ बंद करने की कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, परिवार के एक सदस्य के नौकरी करने या आईटीआर दाखिल करने के आधार पर पूरे परिवार की अनाज आपूर्ति बंद करना अन्यायपूर्ण हो सकता है। संबंधित परिवारों में दिव्यांग व्यक्तियों के साथ अन्य जरूरतमंद सदस्य भी होते हैं। उनकी आजीविका अक्सर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले सस्ते अनाज पर निर्भर रहती है।
इसलिए परिवार के एक सदस्य की आर्थिक पात्रता के आधार पर अन्य सभी सदस्यों को राशन से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने ज्ञापन में यह पक्ष रखा है। संगठन ने मांग की है कि यदि परिवार का कोई सदस्य आईटीआर दाखिल करता है या नौकरी करता है, तो शासन के नियमों के अनुसार केवल उसी व्यक्ति की पात्रता पर विचार किया जाए।
परिवार के अन्य सदस्यों की पात्रता की स्वतंत्र रूप से जांच कर उनका राशन लाभ जारी रखा जाए। विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को इस प्रक्रिया के कारण किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। राशन कार्ड पर मिलने वाला अनाज बंद करने से पहले संबंधित लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति की जांच की जानी चाहिए। उन्हें उचित जानकारी दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र लाभार्थी के साथ अन्याय न हो।
इसके साथ ही दिव्यांगजनों को भेजे गए राशन बंद करने संबंधी नोटिसों पर पुनर्विचार कर उन्हें वापस लेने की मांग भी संगठन ने की है। इस अवसर पर प्रहार के तहसील अध्यक्ष अरुण पाचोरे, जिला संगठक गणपत नाठे, उपाध्यक्ष नामदेव आडके, वैभव वेलजाले, महिला अध्यक्ष मालन आव्हाड, शहर अध्यक्ष चंद्रकांत पवार, उपाध्यक्ष आनंद सातभाई, मुसलगांव उपाध्यक्ष चंद्रभान काकड, मनोभाव आव्हाड, गोंदे शाखा अध्यक्ष रामनाथ तांबे सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
दिव्यांगों और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना उनके सम्मानजनक जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रशासन को इस ज्ञापन पर गंभीरता से विचार करते हुए ऐसी तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे पात्र लाभार्थियों की अनाज आपूर्ति बाधित न हो। संगठन के पदाधिकारियों ने यह अपेक्षा व्यक्त की।