नासिक : त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र (Trimbakeshwar Area) का पर्यावरण, पर्यटन और धार्मिक महत्व है, इसलिए विकास कार्य करते समय पर्यावरण को खतरा न हो, इस ओर ध्यान रखना जरूरी है, लेकिन दुर्भाग्य से पर्यावरण और धार्मिक महत्व वाले ब्रह्मगिरि क्षेत्र (Brahmagiri Area) में नदी के स्रोत को नष्ट किया जा रहा है। ब्रह्मगिरि पर्वत को खोदा जा रहा है और अवैध (Illegal) तरीके से वहां निर्माण कार्य जारी है, ऐसी बात राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) ने कही है। भुजबल ने राज्य की एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार ने मांग की है कि वह इस क्षेत्र की तरफ विशेष ध्यान देना और इस क्षेत्र को 'नो डेवलपमेंट' (No Development) और 'इको सेंसिटिव जोन' (Eco Sensitive Zone) घोषित करें।
ब्रह्मगिरी इलाके में जारी अवैध खनन को लेकर पर्यावरणविद के साथ-साथ साधु महंत भी आवाज उठा रहे हैं। इस सवाल की ओर ध्यान देते हुए राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने नागपुर में हुए शीतकालीन अधिवेशन में इस मुद्दे पर सवाल उठाया। भुजबल के इस सवाल पर राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वादा किया कि वे ब्रह्मगिरी इलाके में जारी अवैध उत्खनन रोकने के तत्काल आदेश जारी करेंगे और अवैध उत्खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। भुजबल ने इस मुद्दे को बड़ी ही गंभीरता से लिया और ब्रह्मगिरी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया।
छगन भुजबल ने इस दौरान कहा कि त्र्यंबकेश्वर महानगरपालिका ने ब्रह्मगिरि पहाड़ की खुदाई और नदी तल में अवैध निर्माण से पर्यावरण को हो रहे खतरे का विरोध करते हुए पर्यावरण प्रेमी नागरिकों को पत्र भी लिखा है। इस संबंध में 22 दिसंबर, 2022 को धारा 353 और 427 के तहत मामला दर्ज किया गया। गोदावरी के स्रोत ब्रह्मगिरि पर्वत क्षेत्र अवैध उत्खनन का काम लंबे समय से जारी है, इस अवैध उत्खनन से क्षेत्र की जैव विविधता भी खतरे में पड़ गई है और पशुओं का पलायन हो रहा है। अवैध उत्खनन कार्य से त्र्यंबकेश्वर शहर को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। भुजबल ने मांग की कि त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में ब्रह्मगिरि के संरक्षण के लिए कस्तूरीरंगन समिति की रिपोर्ट के अनुसार, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए और क्षेत्र के जैविक संसाधनों को भी सुरक्षित किया जाएं।
भुजबल ने कहा कि इस खुदाई से त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र के आकर्षक वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य पर यहां के पर्यटन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। त्र्यंबकेश्वर की नदी तल में अवैध निर्माण और अवैध खनन से पर्यावरण त्र्यंबकेश्वर नदी तल में अवैध निर्माण और अवैध खनन से नदी का मुख्य जल स्रोत नष्ट हो रहा है और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, यहां जरूरत न होने पर भी सीमेंट का पुल बनाया जा रहा है। इस दौरान भुजबल के साथ महंत गोपालदास महाराज, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जिला कार्यकारी अध्यक्ष विष्णुपंत म्हैसधुने, तहसील अध्यक्ष बहिरू मुलाने, नगर अध्यक्ष मनोज कान्हाव, अरुण मेधे, गोकुल बट्टासे, साधन जेजुरकर समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।