नासिक गोदावरी घाट, रामकुंड, ऐतिहासिक घाट, (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो) 
नासिक

नासिक सुंदरीकरण के नाम पर ऐतिहासिक धरोहरों से खिलवाड़! गोदावरी तट के 300 साल पुराने घाटों को तोड़ने पर हंगामा

Nashik Heritage Damage: नासिक में गोदावरी तट के 300 वर्ष पुराने ऐतिहासिक घाटों को तोड़कर सीमेंट-कंक्रीट निर्माण किए जाने का आरोप लगा है। नासिक बचाओ अभियान ने दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।

अंकिता पटेल

Nashik  Ramkund Stone Ghats Demolition: नासिक की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को सुंदरीकरण की आड़ में मिटाने का गंभीर मामला सामने आया है। गोदावरी तट पर स्थित रामकुंड, अहिल्या कुंड, सीता कुंड, लक्ष्मण कुंड और गांधी तालाब के 300 वर्ष पुराने ऐतिहासिक पत्थर के घाटों को तोड़कर वहां सीमेंट-कंक्रीट का निर्माण किया जा रहा है।

'नासिक बचाओ अभियान' के संयोजक एवं पूर्व नगरसेवक राजेंद्र बागुल ने इस विनाशकारी कार्य पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।

पर्यावरण और विरासत के नियमों का खुला उल्लंघन

राजेंद्र बागुल ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सदियों पुराने पत्थर के घाटों को ध्वस्त करने से नदी का पाट संकरा हो रहा है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति में खतरा बढ़ सकता है। नदी से पत्थर और गौण खनिज निकालना पूरी तरह से गैरकानूनी है, जिसका उल्लंघन किया जा रहा है। बार-बार शिकायत के बावजूद संबंधित विभाग मूकदर्शक बना हुआ है और विभागीय आयुक्त के स्पष्ट निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है।

निर्माण कार्य बंद किया जाए

इस पूरे प्रकरण में प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ राजेंद्र बागुल ने निम्नलिखित मांगे रखी है ऐतिहासिक घाटों की तोडफोड और कंक्रीट का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। पूरे प्रकरण की किसी निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों, ठेकेदारों और

जांच से दोषी हो सकते हैं बेनकाब

गोदावरी तट के ये पत्थर के घाट न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि ये सदियों से नदी के पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा रहे हैं, सीमेंट के निर्माण से नदी की प्राकृतिक सुंदरता और प्रवाह पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विभागीय आयुक्त के आदेशों को चता बताना इस बात का संकेत है कि इस परियोजना के पीछे किसी बड़े स्वार्थ का हाथ है। पारदर्शी जाच ही असली दोषियों को बेनकाब कर सकती है।

नासिक की हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर को सुंदरीकरण के नाम पर नष्ट करने की साजिश को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर राज्य सरकार ने तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की, ती नासिक बचाओ अभियान सड़कों पर उतरकर एक तीव्र जन आंदोलन छेड़ेगा।

- नासिक बचाओ अभियान, संयोजक, राजेंद्र बागुल

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