नासिक में नाले में तब्दील हो रही नंदिनी नदी; सामाजिक कार्यकर्ता का आरोप- मनपा और बिल्डरों ने रची साजिश

Nashik Nandini River: 'नासिक बचाओ अभियान' के राजेंद्र बागुल का गंभीर आरोप- बिल्डरों और मनपा की मिलीभगत से नंदिनी नदी को नाले में बदलने की साजिश। नियमों को ताक पर रखकर हो रहा अवैध निर्माण।
Nandini river in Nashik faces severe threat as activist Rajendra Bagul alleges a nexus between NMC and builders to turn the sacred tributary into a sewage drain.
नंदिनी नदी नाले में तब्दील (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Nandini River Godavari Tributary: नासिक के हृदय से होकर गुजरने वाली और गोदावरी नदी की सहायक, महत्वपूर्ण नंदिनी नदी इन दिनों अपने अस्तित्व की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही है। 'नासिकबचाओ अभियान' के कार्यकर्ता राजेंद्र बागुल ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि महानगरपालिका, बिल्डरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से इस पवित्र नदी को एक योजनाबद्ध तरीके से 'नाले' में तब्दील करने की साजिश रची जा रही है।

अस्तित्व पर संकटः कैसे बिगाड़ा जा रहा नदी का स्वरूप ?

राजेंद्र बागुल ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से नदी के साथ हो रहे खिलवाड़ का कच्चा-चिट्ठा पेश किया है- नदी के पात्र से अवैध रूप से मिट्टी निकालकर उसका क्षेत्रफल कम किया जा रहा है, ताकि प्लॉटिंग और निर्माण कार्य आसान हो सके। नदी के भीतर ही सीवरेज लाइनें और केबल बिछाई जा रही हैं। बनाए जा रहे चैंबर इतने निम्न गुणवत्ता के हैं कि वे कभी भी ध्वस्त होकर नदी को बुरी तरह प्रदूषित कर सकते हैं। शहर की बड़ी कॉलोनियों और औद्योगिक इकाइयों का दूषित जल बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है।

नियमों की धज्जियां, प्रशासन का 'मौन'

राजेंद्र बागुल ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर शिकायतों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं। उन्होंने राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, जलसंधारण और वन विभाग जैसी सरकारी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े किए हैं।

आपराधिक कार्रवाई की मांग

इस गंभीर पर्यावरणीय मुद्दे को लेकर राजेंद्र बागुल ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है- नदी के पात्र को नुकसान पहुंचाने और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों और दोषी मनपा अधिकारियों के खिलाफ तुरंत आपराधिक मामले दर्ज हों। संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। महाराष्ट्र सरकार और जिला प्रशासन से अपील की गई है कि नदी क्षेत्र में चल रहे सभी कथित अवैध कार्यों को तत्काल रोककर नंदिनी नदी के संरक्षण के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।

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