Child Death Nashik Accident: महाराष्ट्र के नासिक शहर के सातपुर कॉलोनी इलाके में एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना सामने आई है। यहाँ एक जर्जर घर की दीवार अचानक गिरने से मलबे में दबकर दो साल के मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह हादसा जर्जर निर्माणों के प्रति प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है।
मृत बच्चे की पहचान मोहम्मद उजेर खान के रूप में हुई है। यह दुर्घटना कल शाम सातपुर कॉलोनी के कामगार कल्याण मंडल के पास स्थित एक अत्यंत पुराने और खतरनाक मकान के पास हुई। उजेर पास ही खेल रहा था, तभी पुरानी दीवार भरभराकर गिर गई। मलबे की चपेट में आने से बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे को हटाना शुरू किया। उजेर को गंभीर हालत में बाहर निकालकर पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चे के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन आंतरिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया। इस खबर के मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही सातपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा किया। फिलहाल, सातपुर पुलिस स्टेशन में इस दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि संबंधित जर्जर घर का मालिक कौन है और क्या नगर निगम की ओर से इस इमारत को खाली करने या गिराने का कोई नोटिस पहले जारी किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद उजेर की मौत ने नासिक नगर निगम (NMC) और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सातपुर कॉलोनी और उसके आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसी पुरानी इमारतें और दीवारें हैं जो किसी भी समय गिर सकती हैं। मानसून से पहले और बाद में सर्वेक्षण के दावों के बावजूद, ऐसी खतरनाक संरचनाओं को न तो हटाया जा रहा है और न ही उनकी मरम्मत की जा रही है। नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत पूरे इलाके का सर्वे करे और ऐसी जानलेवा इमारतों को ध्वस्त किया जाए ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए।