Station Road congestio (सोर्सः सोशल मीडिया) 
नासिक

मीरा-भाईंदर: स्टेशन रोड के विकल्प के रूप में 30 मीटर चौड़ी नई डी.पी. रोड के निर्माण की मांग तेज

Mira Bhayander: भाईंदर पश्चिम में बढ़ते ट्रैफिक जाम को देखते हुए स्टेशन रोड के विकल्प के रूप में 30 मीटर चौड़ी नई डीपी रोड के निर्माण की मांग तेज हो गई है जिससे यातायात व्यवस्था सुधारने की उम्मीद है।

आंचल लोखंडे

Bhayander West Traffic: भाईंदर पश्चिम में लगातार बढ़ती यातायात समस्या को लेकर अब जनप्रतिनिधियों ने ठोस कदम उठाने की मांग की है। क्षेत्र की एकमात्र मुख्य सड़क, छत्रपति शिवाजी महाराज रोड, पर बढ़ते वाहनों का दबाव आम नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है। इसी संदर्भ में मनपा प्रशासन से वैकल्पिक सड़क निर्माण और फुटपाथ विकसित करने की मांग की गई है।

बढ़ती आबादी और वाहनों से बिगड़ती यातायात व्यवस्था

भाईंदर पश्चिम क्षेत्र में शहर से भाईंदर रेलवे स्टेशन तक जाने के लिए फिलहाल यही एक प्रमुख मार्ग उपलब्ध है। पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र की आबादी तेजी से बढ़ी है। वहीं निजी वाहनों, ऑटो-रिक्शा तथा स्कूल और कॉलेज बसों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। परिणामस्वरूप स्टेशन रोड पर दिनभर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। विशेषकर कार्यालय और स्कूल समय में यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।

वैकल्पिक मार्ग की आवश्यकता हुई अनिवार्य

मनपा की विकास योजना में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मैदान (आरक्षण क्रमांक 91) से एस.टी. डिपो (आरक्षण क्रमांक 57) तक 30 मीटर चौड़ी डी.पी. रोड आरक्षित की गई है। यदि इस सड़क का विकास किया जाता है, तो यह मुख्य स्टेशन रोड के लिए एक सशक्त वैकल्पिक मार्ग सिद्ध हो सकती है। इस प्रस्तावित मार्ग के निर्माण से जे. एच. पोद्दार स्कूल और स्टेशन रोड पर लगने वाले ट्रैफिक जाम में काफी कमी आने की संभावना है।

घनी बस्तियों को मिलेगा सीधा लाभ

भाईंदर (पश्चिम) के गणेश देवल नगर, आगार स्लम, कांती नगर झोपड़पट्टी और बजरंग झोपड़पट्टी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के नागरिक लंबे समय से यातायात जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। वर्तमान में जे. एच. पोद्दार स्कूल रोड ही इन क्षेत्रों के लिए मुख्य मार्ग है, जिस पर दिनभर भारी भीड़ रहती है। नई डी.पी. रोड के निर्माण से इन क्षेत्रों के निवासियों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही स्टेशन रोड तक फुटपाथ निर्माण की मांग भी की गई है, जिससे पैदल चलने वाले नागरिकों को राहत मिल सके।

भूमि अधिग्रहण और बजट प्रावधान की आवश्यकता

प्रस्तावित 30 मीटर चौड़ी आरक्षित भूमि नमक विभाग के स्वामित्व में मानी जाती है। केंद्र सरकार द्वारा सड़कों के विकास के लिए नियमों में दी गई हालिया ढील से इस भूमि को मनपा को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आसान हो सकती है। हालांकि, सड़क निर्माण के लिए मनपा को बजट में आवश्यक प्रावधान करना होगा और आम सभा से अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

पार्षद ने की महासभा में प्रस्ताव रखने की मांग

पार्षद आभा ओ. पाटिल ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए मांग की है कि वैकल्पिक सड़क निर्माण एवं फुटपाथ विकास के प्रस्ताव को मनपा की आगामी महासभा के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया जाए और शीघ्र अनुमोदन प्राप्त कर कार्य प्रारंभ किया जाए।

शहर के विकास के लिए समय की मांग

भाईंदर (पश्चिम) में ट्रैफिक समस्या अब अस्थायी उपायों से हल होने वाली नहीं है। बढ़ते शहरीकरण की गति को देखते हुए दीर्घकालिक समाधान आवश्यक हो गया है। यदि प्रस्तावित डी.पी. रोड का निर्माण शीघ्र किया जाता है, तो यह न केवल यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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