Nahsik Ashram School Student Suspicious Death : नासिक जिले की विसापुर आश्रमशाला में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली 8 वर्षीय छात्रा सृष्टि सूर्यवंशी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि सेंट्रल किचन से उपलब्ध कराया गया बासी भोजन खाने के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ी और फूड पॉइज़निंग के कारण उसकी मौत हुई। मामले में लापरवाही के आरोपों के चलते तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित अधिकारियों में विस्तार अधिकारी भगवान निकम, अधीक्षिका स्मिता गायकवाड़ और प्रभारी मुख्याध्यापक सुनील पवार शामिल हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद आश्रमशाला में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सृष्टि को बुखार आया था। इसके बाद उसे मुकभणगी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। बताया जा रहा है कि रात में भोजन करने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे उल्टियां होने लगीं। देर रात उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत के वास्तविक कारण का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच के बाद ही मौत की सही वजह सामने आने की उम्मीद है।
घटना के बाद आदिवासी संगठनों ने आश्रमशालाओं में लागू सेंट्रल किचन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे बंद करने की मांग की है। संगठनों का आरोप है कि विद्यार्थियों के लिए भोजन सुबह करीब तीन बजे तैयार किया जाता है और कई घंटे बाद दोपहर में उन्हें परोसा जाता है। लंबे समय तक रखे जाने के कारण भोजन की गुणवत्ता प्रभावित होने और उसके खराब होने की आशंका जताई गई है।
संगठनों ने मांग की है कि विद्यार्थियों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही भोजन तैयार करने और उसे विद्यार्थियों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी बढ़ाई जाए।
पुलिस आयुक्त लीना बनसोड ने बताया कि छात्रा की मौत वास्तव में कहां और किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जाएगी। आश्रमशाला में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन और पानी के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने आश्रमशालाओं में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि छात्रा की मौत का कारण क्या था और भोजन से फूड पॉइज़निंग के आरोपों में कितनी सच्चाई है।