नासिक TCS धर्मांतरण मामले में पूर्व सांसद इम्तियाज जलील को आरोपी बनाया गया।
इम्तियाज जलील पर मुख्य आरोपी निदा खान को शरण देने का आरोप।
नासिक पुलिस ने AIMIM नेता इम्तियाज जलील के वॉइस सैंपल लिए।
Nashik TCS Case Imtiaz Jaleel SIT Investigation: नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में हुए बहुचर्चित महिला उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नासिक पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले की जांच के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील का नाम आरोपियों की सूची में शामिल कर लिया है। इस खुलासे के बाद से ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इम्तियाज जलील पर नासिक TCS धर्मांतरण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को संरक्षण देने का आरोप है। इससे पहले इस मामले में AIMIM के पार्षद मतीन पटेल पर मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को जलील के खिलाफ पर्याप्त व पुख्ता सबूत मिले हैं, जिसके बाद SIT ने कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें भी इस आपराधिक मामले में सह-आरोपी बनाया है।
नासिक SIT की टीम ने अदालत को सूचित किया है कि आरोपी मतीन पटेल के मोबाइल फोन की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण ऑडियो रिकॉर्डिंग्स बरामद हुई हैं। इन रिकॉर्डिंग्स में इम्तियाज जलील की भूमिका और सहभागिता स्पष्ट होने के संकेत मिले हैं।
नासिक पुलिस पहले ही AIMIM नेता इम्तियाज जलील का बयान दर्ज कर चुकी है और रिकॉर्डिंग से मिलान के लिए उनके आवाज के नमूने भी ले चुकी है। अब इम्तियाज जलील को अदालती कार्यवाही और पुलिस पूछताछ के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
नासिक TCS में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने सहकर्मियों पर गंभीर लैंगिक उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने भी माना कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट दिखाई देता है कि आरोपी निदा खान ने अन्य सह-आरोपी सहयोगियों के साथ मिलकर पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
FIR में उल्लेख किया गया है कि आरोपियों ने पीड़िता का विश्वास जीतकर उसे यह समझाने का प्रयास किया कि 'हिंदू धर्म सही नहीं है' और उसकी मूल सोच तथा धार्मिक पहचान बदलने के लिए लगातार मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया।
नासिक कोर्ट ने माना है कि नासिक TCS यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण की इस पूरी साजिश में निदा खान की मुख्य भूमिका थी। फिलहाल SIT मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।