Nandurbar Bird Flu News: महाराष्ट्र का नंदुरबार जिला इन दिनों दोहरे संकट का सामना कर रहा है। एक तरफ जहां भीषण गर्मी और लू के चलते राज्य में अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं दूसरी ओर नवापुर क्षेत्र में बर्ड फ्लू के प्रवेश ने नागरिकों और पोल्ट्री व्यवसायियों की रातों की नींद उड़ा दी है। पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियों की अचानक मौत के बाद नमूनों को जांच के लिए इंदौर भेजा गया था, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया है।
जिला कलेक्टर मिताली सेठी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तालुका स्तरीय समिति का गठन किया है। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से उन सभी फार्मों को सील करने और मुर्गियों के नमूने लेने के निर्देश दिए हैं, ताकि बीमारी को जिले के अन्य हिस्सों और राज्य में फैलने से रोका जा सके।
संक्रमण को जड़ से खत्म करने के लिए प्रशासन ने 'कलिंग' की प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया है। जिस पोल्ट्री फार्म में संक्रमण पाया गया है, उसके एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी छह फार्मों की 1 लाख 40 हजार मुर्गियों को मार दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, तीन किलोमीटर के क्षेत्र को कंटेनमेंट ज़ोन और पांच किलोमीटर के दायरे को बफर ज़ोन घोषित कर दिया गया है।
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नवापुर क्षेत्र में लगभग 10 लाख मुर्गियां हैं, जो इस समय बर्ड फ्लू के सीधे खतरे में हैं। यदि संक्रमण इन फार्मों तक पहुँचता है, तो पोल्ट्री उद्योग को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही बरतने वाले पोल्ट्री फार्म संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जबकि प्रभावित फार्मों को सरकारी नियमों के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
बर्ड फ्लू के डर से लोगों में चिकन और अंडे के सेवन को लेकर भी दहशत फैलने लगी है। सरकार की प्राथमिकता इस समय मुर्गियों के माध्यम से इंसानों में फैलने वाले किसी भी संभावित संक्रमण को रोकना है। स्वास्थ्य विभाग ने नवापुर क्षेत्र के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने को कहा है।