Nagpur Yashodhara Nagar Murder: नागपुर यशोधरानगर थाना क्षेत्र के टीपू सुल्तान चौक पर मंगलवार रात एक युवक ने अपने नाबालिग साथी के साथ मिलकर प्रेमिका के भाई को मौत के घाट उतार दिया। दोनों आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, लेकिन कानूनी प्रक्रिया में हुई चूक के कारण मुख्य आरोपी को न्यायालय ने तत्काल छोड़ने के आदेश दे दिए।
पकड़ा गया आरोपी गांजाखेत निवासी मुजम्मिल उर्फ मुज्जू हसन अली (22) बताया गया। वहीं इस घटना से मृतक संघर्षनगर निवासी मोहम्मद सलमान मोहम्मद अशफाक (22) के परिजन गहरे सदमे में हैं। सलमान का परिवार फैब्रिकेशन का व्यवसाय करता है। मुजम्मिल उनके कारखाने में काम करता था। इसी दौरान मुजम्मिल ने सलमान की बहन को परेशान करना शुरू कर दिया। एकतरफा प्यार में वह लगातार सलमान की बहन को परेशान कर रहा था। इस बात की जानकारी परिजनों को मिली।
2 वर्ष पहले मुजम्मिल को नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद भी वह युवती को परेशान कर रहा था। इसीलिए सलमान और उसके साथियों ने मुजम्मिल की पिटाई भी की थी। तब से वह गांजाखेत परिसर में रहने आ गया लेकिन सलमान के प्रति उसका रोष बरकरार था। वह अपने अपमान का बदला लेने की फिराक में था। मंगलवार की रात 11 बजे सलमान टीपू सुल्तान चौक पर स्थित अपने दोस्त मोहम्मद शोयब के टाइमपास जोन कैफे में बैठा था। फोन पर बात करते हुए वह कैफे से बाहर निकला। इसी दौरान मुजम्मिल और उसका नाबालिग साथी दोपहिया वाहन पर वहां पहुंचे। मुजम्मिल ने धारदार हथियार से सलमान को उसकी छाती, कंधे और हाथ पर वार कर बुरी तरह जख्मी कर दिया। दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। सलमान को उपचार के लिए मेयो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। यशोधरानगर पुलिस ने तुरंत खोज अभियान शुरू कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
बुधवार की दोपहर यशोधरानगर पुलिस ने आरोपी मुजम्मिल को प्रथम श्रेणी न्यायदंडाधिकारी एम. डी. बिरहारी की अदालत में पेश किया, जांच अधिकारी पाटिल औ अभियोजनपक्ष ने 14 जून तक पुलिस हिरासत मांगी। सुनवाई के दौरान बचावपक्ष के अधिवक्ता कमल सतुजा, कैलाश डोडानी, भूषण सचदेव और अनमोल गोस्वामी ने अदालत को बताया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और उसकी गिरफ्तारी कानूनन अवैध है। बचावपक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को उसकी गिरफ्तारी का कारण, उसी की भाषा में बताया जाना चाहिए। पुलिस द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज मराठी भाषा में थे, जबकि आरोपी केवल हिंदी जानता है और केवल 9वीं कक्षा तक पढ़ा है।
इसी तरह उसके परिजनों को भी दस्तावेज उपलब्ध कराना आवश्यक है, बल्कि केवल गिरफ्तारी की सूचना दी गई, यह प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय के 'विहान बनाम राज्य' तथा 'मिहिर शाह' मामलों में दिए गए निर्देशों के विपरीत है। वहीं जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी विधिसम्मत है और आरोपी को गिरफ्तारी के कारण समझाए गए थे।
उन्होंने हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद करने तथा मामले की आगे जांच के लिए पुलिस रिमांड की मांग की। दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद अदालत ने पुलिस रिमांड की मांग खारिज कर दी। गिरफ्तारी प्रक्रिया में कानूनी खामियां पाते हुए आरोपी की गिरफ्तारी को अवैध माना और उसे तत्काल जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।