First Phase of SIR In Nagpur Concluded: गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का पहला चरण मैपिंग और डिजिटलीकरण के साथ पूरा हो गया है। अब नागपुर जिले के मतदाताओं की नजरें 31 अगस्त को जारी होने वाली प्रारूप मतदाता सूची पर टिकी हैं। जिले के कुल 46,38,589 मतदाताओं में से लगभग 14,43,465 मतदाताओं के फॉर्म विभिन्न कारणों से विभाग को प्राप्त नहीं हो सके हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के नाम पहली सूची से गायब होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रारूप सूची में नाम न होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मतदाता का अधिकार हमेशा के लिए खत्म हो गया है। ऐसे सभी मतदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज, पहचान पत्र और जरूरी जानकारी जमा करके फिर से अपना नाम दर्ज कराने का पूरा अवसर मिलेगा। चुनाव विभाग ने नागपुर नागरिकों से अपील की है कि वे सूची जारी होते ही अपने और अपने परिवार के हर सदस्य के नाम की गहनता से जांच करें।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता 1 सितंबर से 30 सितंबर तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त दावों पर सुनवाई और उनका निपटारा 22 अक्टूबर तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद अंतिम और संशोधित मतदाता सूची का प्रकाशन 27 अक्टूबर को होगा। यदि किसी मतदाता के नाम, उम्र, फोटो या पते में कोई त्रुटि है, तो वह इस दौरान आसानी से संशोधन के लिए आवेदन कर सकता है।
विशेष रूप से बुजुर्गों, नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में बाहर रहने वाले सदस्यों के नामों की जांच करने पर जोर दिया गया है। यदि किसी मतदाता का नाम 2025 की सूची में था लेकिन 2026 की नई प्रारूप सूची में शामिल नहीं है, तो वह महाराष्ट्र सीईओ के आधिकारिक एसआईआर पोर्टल (SIR Portal) पर जाकर अपने नाम की स्थिति (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरा नाम) की ऑनलाइन जांच कर सकता है।