Nagpur University Registrar Meeting: बहुजन समाज पार्टी की शहर इकाई ने राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर खाली पड़े पदों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बसपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और इस गंभीर मुद्दे पर लगभग एक घंटे तक सविस्तार चर्चा की। बैठक के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने रिक्त पदों की स्थिति को स्वीकार करते हुए जल्द से जल्द राज्य सरकार को इस बारे में अवगत कराकर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक विभागों में बड़े पैमाने पर यानी कुल 579 पद रिक्त हैं। प्राध्यापक, सहयोगी प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक सहित विभिन्न संवर्गों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। 3 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य अधर में कुलपति और कुलसचिव ने माना कि इतनी बड़ी संख्या में पदों के खाली होने के कारण विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक कामकाज पर बेहद गंभीर असर पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन का ध्यान इस ओर विशेष रूप से आकर्षित किया कि कर्मचारियों की इस भारी कमी के कारण विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 4 जिलों के 3 लाख से अधिक छात्रों का शैक्षणिक भविष्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों के अभाव में परीक्षा, परीक्षा परिणाम, डिग्री प्रमाणपत्र का वितरण, संबद्ध महाविद्यालयों के प्रशासनिक कार्य और विश्वविद्यालय के विभिन्न विकास प्रकल्पों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
बैठक में यह अहम मुद्दा भी उठाया गया कि नागपुर विश्वविद्यालय में 100 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी कार्यरत है और कई संवेदनशील प्रशासनिक कार्य निजी एजेंसियों के माध्यम से चलाए जा रहे है, जिस पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। इसके अलावा, यह भी रेखांकित किया गया कि पिछड़े वर्गों के पद खाली रहने से आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे आरक्षित वर्ग को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।
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अनिकेत कुत्तरमारे ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने रिक्त पदों की गंभीरता को मान लिया है और राज्य सरकार को शिकायत व प्रस्ताव भेजने की बात कही है। छात्रों के हितों की रक्षा और बेरोजगार युवाओं को न्याय दिलाने के लिए बहुजन समाज पार्टी इस मुद्दे पर अपना संघर्ष और प्रयास लगातार जारी रखेगी। प्रतिनिधिमंडल में मंगेश नागदिवे, अमित बनसोड, सौरभ जामगडे, संजय थुल, सुरेंद्र डोंगरे, राकेश सहारे और सचिव रौनक जांभुलकर सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।