Nagpur Safari Jeep Breakdown News: नागपुर गोंडोबा वनक्षेत्र के तहत उमरेड-पवनी-करांडला बन्यजीव अभयारण्य के गोठनगांव गेट से जंगल सफारी के लिए निकली जिप्सी अचानक घने जंगल के बीच बंद पड़ गई। इससे जिप्सी में सवार वरिष्ठ नागरिक, पर्यटकों में हड़कंप मच गया। इस दौरान अगर कोई बाघ जिप्सी के आसपास आ गया तो जान बचाना मुश्किल हो सकता है इसकी कल्पना से ही पर्यटकों के मन में अलग-अलग ख्याल आ रहे थे। ऐसी स्थिति में इन पर्यटकों का कहना है कि उन्हें आधा घंटा जिप्सी पर बैठकर डर के साये में गुजारना पड़ा। इसके बाद इस कच्चे मार्ग से एक अन्य जिप्सी के गुजरने पर जिप्सी चालक ने मदद की मांग की।
दूसरे जिप्सी चालक व गाइड ने बंद जिप्सी को धक्का मारकर कुछ दूरी पर स्थित वन विभाग के एक स्टॉपिंग प्वाइंट तक किसी तरह पहुंचाया। वहां रुककर आधे घंटे तक इंतजार के बाद दूसरी जिप्सी स्टॉपिंग प्वाइंट पर पहुंची, जिसके बाद घबराए बुजुर्ग पर्यटकों ने राहत की सांस ली। उक्त घटना शुक्रवार को दोपहर 3।30 बजे के करीब की बतायी गई।
इस घटना से बुजुर्ग पर्यटकों के जंगल सफारी का रोमांच 1 घंटे तक परेशानी में बदल गया। पर्यटकों का आरोप है कि इसके बाद दूसरे जिप्सी चालक ने जल्दबाजी में जंगल भ्रमण कराया।
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जिप्सी बंद पड़ने से लेकर अगले स्टॉपिंग प्वाइंट तक दूसरी जिप्सी के इतंजार में पर्यटकों का 1 घंटा बर्बाद हो गया। वहीं शाम 5:30 से 6 बजे तक गेट तक वापस लौटने का नियम होने से पर्यटकों को जल्दबाजी में जंगल सफारी कराई गई। इसके चलते प्रवेश शुल्क और महंगा जिप्सी शुल्क अदा करने के बाद भी जंगल सफारी का पर्यटक सुकून से लुत्फ नहीं ले सके।