मुंबई: महाराष्ट्र में महायुति सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चाएं तेज है। उदय सामंत के अनुसार आज शाम विभागों के बंटवारा पर फैसला आ सकता है। रविवार की शाम नागपुर में सत्तारूढ़ सरकार में 33 कैबिनेट मंत्री और 6 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली।
शपथ लेने वाले मंत्रियों में बीजेपी के 19, शिवसेना के 11 और NCP के 9 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। अब राज्य में किस मंत्री को कौन-से पद की जिम्मेदारी मिल सकती है इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। नागपुर में महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है।
महाराष्ट्र में शीतकालीन सभा का दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। इसमें शामिल होेने के लिए उदय सामंत भी पहुंचे। उदय सामंत ने महाराष्ट्र के मंत्रियों के पोर्टफोलियो के बारे में कहा, "मुख्यमंत्री ने कहा है कि इसे आज शाम तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा।"
इस अधिवेशन के दौरान शिवसेना के विधायक उदय सामंत ने जानकारी दी थी कि विभागों का बंटवारा में दो-तीन दिन लग सकते है। उन्होंने बताया था कि इस कैबिनेट में 33 कैबिनेट मंत्री हैं और किसे कौन-सा विभाग देना है इसका फैसला देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार तीनों साथ में बैठकर लेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि महागठबंधन में किसी भी तरह का विवाद नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक अगर देखा जाए तो इस बार बीजेपी गृह मंत्रालय, विधि एवं न्याय, पर्यटन, राजस्व, कौशल विकास,आवास विकास, ऊर्जा, सिंचाई, ग्रामीण विकास, सामान्य प्रशासन, आदिवासी विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय अपने पास रखेना चाहेगी।
तो वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना को महाराष्ट्र में पर्यावरण, खनन, जलापूर्ति, उद्योग, स्वास्थ्य, शहरी विकास, आबकारी, सामाजिक न्याय, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय मिल सकता है। वहीं अगर बात करें अजित पवार की एनसीपी पार्टी की तो उन्हें वित्त एवं योजना, महिला एवं बाल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, राहत एवं पुनर्वास मंत्रालय खाद्य एवं आपूर्ति, एफडीए, कृषि मंत्रालय मिलने की संभावनाएं है।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ विभाग ऐसे है जिनको लेकर असमंजस की स्थिति बन सकती है। बता दें कि जिन विभागों को लेकर पेंच फंसा है उसमें नगरी विकास, राजस्व, आदिवासी, कृषि, ग्रामीण विकास, चिकित्सा शिक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय है। इन विभागों में पार्टी आपस में फेर बदल कर सकती है।
किसे मिलेगा विधान परिषद के सभापति का पद?
इन मंत्रालयों के बाद बीजेपी नगरीय विकास विभाग भी अपने पास रखना चाहती है और राजस्व और पीडब्ल्यूडी शिवसेना को देना चाहती है। हालांकि, अभी अंतिम इस बात फैसला नहीं हुआ है। इसके अलावा बीजेपी ने विधानसभा अध्यक्ष का पद तो अपने पास रखा है, लेकिन विधान परिषद के सभापति का पद भी अपने पास रखना चाहती है। इससे विधानसभा उपाध्यक्ष का पद अजित पवार को और विधान परिषद के उपसभापति का पद शिवसेना को मिलने की संभावना है।