Nagpur Swachh Bharat Mission: नागपुर स्वच्छ भारत अभियान में शहर की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। महानगरपालिका और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) के संयुक्त तत्वावधान में शहर में भारी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वालों के लिए एक विशेष 'बल्क वेस्ट जनरेटर' कार्यशाला और तकनीक प्रदर्शनी का आयोजन वनामती के वसंतराव नाईक स्मृति सभागृह में किया गया। अध्यक्षता महापौर नीता ठाकरे ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और नागरिकों से इसमें सकारात्मक सहयोग की अपील की।
केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए ठोस कचरा प्रबंधन-2026 के नियमों के तहत 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों जैसे अस्पताल, मॉल, मंगल कार्यालय और हाउसिंग सोसाइटियों के लिए अब कचरे को उसके स्रोत पर ही अलग-अलग करना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशिक्षक और स्थानीय स्वशासन संस्था के निदेशक जयंत पाठक ने बताया कि इन बड़े कचरा उत्पादकों को अब संबंधित वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराना भी अनिवार्य होगा। कार्यशाला में पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से इन संस्थानों के प्रतिनिधियों को नए कानून के प्रावधानों, उनकी जिम्मेदारियों और नियमों का उल्लंघन करने पर होने वाली दंडात्मक कार्रवाई के बारे में जागरूक किया गया।
महापौर नीता ठाकरे ने कहा कि जनभागीदारी के बिना शहर की स्वच्छता का सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों को शुरुआत में प्यार से समझाया जाए, लेकिन बार-बार कानून तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जाए, आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने सिटी को कचरा मुक्त शहर बनाने का संकल्प लेते हुए एक नई तकनीकी पहल की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि लोगों को कचरा निस्तारण की पूरी जानकारी देने के लिए मनपा द्वारा एक विशेष एप तैयार किया जाएगा। इस एप के माध्यम से नागरिकों को घर आने वाले कचरा संकलन वाहन के आने की पूर्व सूचना, गाड़ी का नंबर और कचरा उठाने वाले कर्मचारी का संपर्क नंबर मिल सकेगा।