नागपुर कोर्ट से निकलती गाड़ी और श्रद्धा दुबे (सोर्स: सोशल मीडिया)
नागपुर

Shiva Sharma Murder Case: नागपुर कोर्ट में पेश हुईं श्रद्धा दुबे, तीनों आरोपी ट्रांसिट रिमांड पर लखनऊ रवाना

Shiva Sharma Murder Case Update: शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर को नागपुर कोर्ट में पेश करने के बाद ट्रांसिट रिमांड पर लखनऊ रवाना कर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर।

गोरक्ष पोफली

Shraddha Dubey Transit Remand: लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य संदिग्ध श्रद्धा दुबे को बुधवार को नागपुर की एक अदालत में पेश किया गया। कई दिनों से फरार चल रही मुख्य आरोपी श्रद्धा दूबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर दानिश को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स और लखनऊ पुलिस के एक संयुक्त विशेष अभियान के तहत मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था।

तीनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस की कई विशेष टीमें उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थीं।

भ्रम, गुमराह करने की कोशिश और फरार ड्राइवर

इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत 9 अक्टूबर को हुई, जब शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर लखनऊ शहर के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया।

शिवा की मां ने घटना की उस खौफनाक रात का पूरा ब्योरा साझा करते हुए बताया कि उन्हें सबसे पहले श्रद्धा की बहन का फोन आया था। फोन पर बताया गया कि शिवा बालकनी से गिर गया है और वे उसे इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जा रहे हैं।

जब शिवा की मां तुरंत राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचीं, तो वहां कोई मौजूद नहीं था और अस्पताल के काउंटर पर भी शिवा के भर्ती होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद जब उन्होंने दोबारा कॉल किया, तो उन्हें उनके ड्राइवर दानिश का नंबर दिया गया। दानिश ने दावा किया कि वे मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में हैं। शिवा की मां जब अकेले मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में पहुंचीं, तो वहां एक एम्बुलेंस और ड्राइवर दानिश खड़ा मिला। जब उन्होंने पूछा कि शिवा को क्या हुआ है, तो दानिश ने पल्ला झाड़ते हुए कहा, मैं तो बस एक नौकर हूं, मुझे कुछ नहीं पता और वहां से तुरंत भाग निकला।

इनाम राशि में बढ़ोतरी और पुलिस की दबिश

शुरुआत में लखनऊ पुलिस ने आरोपियों के बारे में जानकारी देने पर 25,000 रुपये का इनाम रखा था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया। आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्विलांस यूनिट, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस की कई विशेष टीमों को तैनात किया गया था, जिन्होंने सघन तलाशी के बाद तीनों को नागपुर से धर दबोचा।

नागपुर Lock-up से Court Room तक का सफर

गिरफ्तारी के बाद लखनऊ पुलिस की टीम मेडिकल परीक्षण कराने के उपरांत आरोपियों को नागपुर के हुड़केश्वर पुलिस स्टेशन ले गई। चूंकि बेलतरोड़ी पुलिस स्टेशन में महिलाओं को हिरासत में रखने की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए श्रद्धा और उसकी बहन को हुड़केश्वर पुलिस स्टेशन के लॉकअप में रखा गया।

इसके बाद बुधवार को नागपुर अदालत में कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें पेश किया गया, जहां से पुलिस टीम आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सभी आरोपी ट्रांसिट रिमांड पर लखनऊ रवाना हो चुके हैं।

आरोपी श्रद्धा दुबे का पक्ष और आत्महत्या का दावा

दूसरी ओर, मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि शिवा ने आत्महत्या की थी। उसका कहना है कि उसकी इमारत के CCTV फुटेज से उसकी बेगुनाही साबित हो जाएगी। श्रद्धा के अनुसार, वह शिवा शर्मा को केवल चार महीनों से जानती थी और दो-ढाई महीने ही उनकी दोस्ती रही थी। उसने तर्क दिया कि शिवा पिछले दो महीनों में ही उसके घर आने लगा था और इतने कम समय में किसी के प्रति ऐसी रंजिश नहीं पनप सकती। श्रद्धा ने आरोप लगाया कि शिवा की मां उसे पसंद नहीं करती थीं, इसलिए वे उस पर झूठे आरोप लगा रही हैं।

वहीं, शिवा शर्मा की मां का कहना है कि उनका बेटा किसी डिप्रेशन में नहीं था और वे अपने बेटे के लिए जल्द से जल्द सख्त सजा और न्याय की मांग कर रही हैं।

महिला आरक्षण और परिसीमन पर बरसे मल्लिकार्जुन खरगे, पीएम मोदी को सुनाई खरी-खोटी

बढ़ते प्रदूषण के बाद दिल्ली में लागू हुआ Grap 1, किन चीजों पर रहेगी पाबंदी?

कौन हैं IPS अंकिता शर्मा? दशहरे पर AK-47 से फायरिंग कर चर्चा में आईं ‘लेडी सिंघम’, जानें पूरी बायोग्राफी

तकनीक की दुनिया में कायम की बादशाहत! थॉमस एडिसन की वो कोशिश जो आज भी हमारे घरों को कर रखा है रौशन

सौरव दास और आशुतोष रांका मुझसे बेहतर लीडर, CJP नेता अभिजीत दीपके का बड़ा बयान