Nagpur Development Planning: नागपुर जिले की बढ़ती आबादी और शहर के तेजी से हो रहे विस्तार को ध्यान में रखते हुए जिला नियोजन समिति (डीपीसी) की बैठकें अब शहर और ग्रामीण इलाकों के लिए स्वतंत्र रूप से (अलग-अलग) आयोजित की जाएंगी। पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।
सदस्यों द्वारा उठाई गई मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है जिससे विकास कार्यों के नियोजन और अलग-अलग ड्राफ्ट तैयार करने में आसानी होगी।
स्वतंत्र बैठकों की आवश्यकता क्यों पड़ी वर्तमान में नागपुर शहर और पूरे जिले से जुड़े विकास कार्यों, फंड के नियोजन, बुनियादी ढांचे और अन्य योजनाओं की समीक्षा एक ही डीपीसी बैठक में की जाती है।
नागपुर जिले की आबादी लगभग 50 लाख तक पहुंच चुकी है और शहर का दायरा भी काफी बढ़ गया है। सदस्यों ने यह बात सामने रखी थी कि एक ही बैठक में शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है।
बैठक के दौरान संसद सत्र और डीपीसी मीटिंग की तारीख को लेकर एक तीखा सवाल भी उठाया गया। सांसद श्यामकुमार बर्वे ने सवाल उठाया कि जब संसद या विधानसभा का सत्र चल रहा हो तब जिला स्तर पर इस तरह की बैठकों का आयोजन नहीं करने का नियम है। 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है और सत्र के पहले दिन ही उन्हें बैठक में रुकना पड़ा।
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इसके अलावा आगामी अलग बैठकों के लिए 27 जुलाई की तारीख तय की गई है जिस पर उन्होंने सत्र के दौरान बैठक आयोजित किए जाने की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाया, इन तमाम चर्चाओं और आपत्तियों के बीच, प्रशासन को आगामी समय के लिए शहर और ग्रामीण विकास के लिए स्वतंत्र डीपीसी बैठकों का खाका तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं।