नागपुर, एसबीएल ब्लास्ट,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

नागपुर SBL ब्लास्ट: सरेंडर की मियाद खत्म होने के बाद भी फरार हैं संचालक; गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कसी कमर

Nagpur SBL Blast: एसबीएल ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट के सरेंडर आदेश के बावजूद कंपनी के संचालक व निदेशकों ने आत्मसमर्पण नहीं किया। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में तलाश अभियान चला रही है।

अंकिता पटेल

Nagpur SBL Blast Industrial Accident: नागपुर एसबीएल ब्लास्ट मामले में आरोपी कंपनी के संचालक सहित पदाधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में सभी अभियुक्तों को 4 दिन के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था। कंपनी में सुरक्षा विभाग के मैनेजर केदार अरविंद पंचपुत्रे ने तो अदालत के समक्ष सरेंडर कर दिया लेकिन कंपनी के मालिक और निदेशकों ने न्यायालय का आदेश भी नहीं माना।

अब पुलिस सरगर्मी से उनकी तलाश में जुट गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न राज्यों में पुलिस की टीमों ने दबिश दी है। ज्ञात हो कि विगत 1 मार्च को एसबीएल के भीतर हुए भीषण विस्फोट में 26 कर्मचारियों की मृत्यु हुई थी। इस हादसे के बाद से कंपनी के संचालक और मुख्य आरोपी फरार हो गए।

एसबीएल घोटाला: मैनेजर ने किया सरेंडर, 10 आरोपी अब भी फरार

पुलिस के अनुसार एसबीएल के मालिक व चेयरमैन संजय चौधरी और सीईओ आलोक चौधरी सहित निदेशक रवींद्र पोखरना, श्रवण कुमार, सत्यवती पराशर, आलोक अवधिया, मनोज कुमार प्रसाद, मितिन चंदनमल और अतुल गुप्ता भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए लेकिन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय की शरण में चले गए।

हाई कोर्ट के बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। अदालत ने सभी आरोपियों को 4 दिन में जांच एजेंसी या न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। अवधि पूरी होने के बाद मैनेजर पंचपुत्रे ने प्रथम श्रेणी न्याय दंडाधिकारी की अदालत में समर्पण किया, अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इसके अलावा अन्य 10 आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

रायपुर में कई जगहों पर दबिश

संजय और आलोक की तलाश में पुलिस की टीमों ने रायपुर में अलग-अलग जगहों पर दबिश दी लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। ज्ञात हो कि इस मामले में पहले 11 आरोपियों की गिरफ्तार हो चुकी है। सभी न्यायिक हिरासत में जेल की हवा खा रहे है।

जांच में फैक्ट्री में भारी सुरक्षा लापरवाही सामने आई है। पेट्रोलियम व विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (डीआईएसएच) की रिपोर्ट में सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन का उल्लेख किया गया है।

PM मोदी-ट्रंप की फोन पर बात, भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर क्या हुई चर्चा?

हवा में चाकूबाजी, तेजी से नीचे आया विमान…कौन हैं भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार? जान पर खेलकर बचाई 180 की जान

यूपी पुलिस को ही भंग कर सभी केस CBI को देने पड़ेंगे क्या? सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

कांग्रेस की एकला चलो नीति पर भड़के उद्धव ठाकरे! INDIA गठबंधन की बैठक में सुनाई खरी-खोटी, दी ये सलाह

CSR घाेटाला: महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों के 8 ठिकानों पर ED की छापेमारी, फर्जी नेटवर्क का खुलासा