कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार, नाना पटोले, एक्टर संजय दत्त सोर्स: सोशल मीडिया
नागपुर

संजय दत्त के भारत में शांति नहीं वाले बयान पर सियासी बवाल, कांग्रेस नेता नाना पटोले-वडेट्टीवार ने BJP को घेरा

Congress On Sanjay Dutt Statement: अभिनेता संजय दत्त के बयान पर महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। कांग्रेस नेता नाना पटोले और विजय वडेट्टीवार ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया है।

आकाश मसने

Vijay Wadettiwar And Nana Patole On Sanjay Dutt: बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के "भारत में अब शांति महसूस नहीं होती" वाले बयान पर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अभिनेता के इस बयान का समर्थन करते हुए केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला है।

नाना पटोले बोले- संजय दत्त ने बिल्कुल सच कहा

महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने संजय दत्त के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभिनेता ने जो कहा है, वह देश और राज्यों की जमीनी हकीकत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, वहां दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं और आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

नागपुर में मीडिया से बात करते हुए नाना पटोले ने कहा कि संजय दत्त ने बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकारों को देश की स्थिति से अवगत कराया है, और सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। अगर देश में आम लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो उन्हें बोलने का पूरा अधिकार है क्योंकि सरकारें जनता के वोटों से बनती हैं।

नाना पटोले का मोदी सरकार पर तंज

इसके साथ ही नाना पटोले ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि लेकिन ये तो चुनाव की प्रक्रिया से सरकार आई है, तो ये सरकार अगर लोगों की प्रक्रिया से आई होगी तो इस सरकार को वो संज्ञान लेना चाहिए और तुरंत जो गुंडाइज्म देश और राज्यों में बढ़ गया है उसको रोकना चाहिए।

विजय वडेट्टीवार का आरोप 2014 से देश की शांति भंग हो चुकी है

दूसरी ओर, कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी संजय दत्त के बयान वाले मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि देश में 2014 के बाद से ही सामाजिक शांति भंग हो चुकी है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के लिए विकास के नाम पर वोट मांगे गए, लेकिन सरकार चलाने के लिए धर्म का सहारा लिया जा रहा है।

विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि मंदिर-मस्जिद और हिंदू-मुसलमान का मुद्दा बनाकर विकास के असल मुद्दों को दरकिनार कर दिया गया है। यही इस सरकार का सीधा रास्ता बन चुका है, जिससे देश में लगातार अस्थिरता का माहौल पैदा किया जा रहा है।

क्या बाेले थे संजय दत्त?

गांधी जयंती के अवसर पर संजय दत्त, शेखर सुमन के टॉक शो 'शेखर टुनाइट' में शामिल थे। इस प्रोग्राम में बातचीत के दौरान संजय दत्त ने कहा कि भले ही भारतीय बड़े दिल वाले और मेहमान-नवाज होते हैं, एक शांति होनी चाहिए, लेकिन मैं अब भारत में उस शांति को महसूस नहीं कर सकता।

संजय दत्त का अपने बयान से यू-टर्न

संजय दत्त के इस बयान के बाद एक तरफ जहां राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। वहीं दूसरी ओर बढ़ते विरोध के बाद संजय दत्त ने अपने बयान से यूटर्न ले लिया है। संजय दत्त ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मैं यह साफ करना चाहता हूं कि मेरा मकसद कभी भी किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुँचाना, नाराज करना या उनका अनादर करना नहीं था।

स्क्रिप्टेड था संजय दत्त का बयान

संजय दत्त ने अपनी बात को स्क्रिप्टेड बताते हुए आगे लिखा मेरी बातें एक पहले से तय बातचीत के दौरान कही गई थीं, जिसका मकसद हल्का-फुल्का और मजाकिया माहौल बनाना था। इसके पीछे की भावना वैसी ही थी जैसा 'मुन्ना भाई' जैसी फिल्मों में मजाक और व्यंग्य देखने को मिलता है, खासकर 'गांधीगिरी' का कॉन्सेप्ट, जिसका मकसद प्यार, अपनापन, एकजुटता और सद्भावना का संदेश देना था। अफसोस की बात है कि मेरी बातों का मतलब उस संदर्भ से हटकर निकाला गया जिसमें वे कही गई थीं।

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