नागपुर के रेशिमबाग मैदान में 20 अक्टूबर को होगा RSS को विजयादशमी उत्सव।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन का ऐतिहासिक अवसर है।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और इजराइली राजनयिक यानिव रेवाच विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
विजयादशमी उत्सव में RSS प्रमुख मोहन भागवत मुख्य वक्ता होंगे।
RSS Vijayadashami Celebrations Jagdeep Dhankhar Invited As Guest: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का इस वर्ष का विजयादशमी उत्सव बेहद खास होने जा रहा है। संघ के शताब्दी वर्ष के समापन के अवसर पर नागपुर में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियां शिरकत करेंगी। आरएसएस द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 20 अक्टूबर को नागपुर के रेशिमबाग ग्राउंड में होने वाले विजयादशमी समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और भारत में इजराइल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच को बतौर अतिथि आमंत्रित किया गया है।
आरएसएस की परंपरा के अनुसार, इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत मुख्य भाषण देंगे, जो देश के वर्तमान सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर संघ के दृष्टिकोण को सामने रखेगा। इसके साथ ही, इस वर्ष के समारोह के मुख्य अतिथि दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्ता होंगे।
आरएसएस ने अपने बयान में कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ऐतिहासिक शताब्दी वर्ष के समापन का गवाह बन रहे संघ के विजयादशमी उत्सव के लिए आमंत्रित अतिथियों में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और इजराइल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच शामिल हैं। यह आयोजन संगठन के लिए मील का पत्थर साबित होने वाला है।
इस आमंत्रण के सामने आते ही देश की राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं हैं। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस निमंत्रण को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि यह घटनाक्रम देश की व्यवस्था के अंतर्विरोधों को उजागर करता है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि एक तरफ आरएसएस ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को अपने इतने बड़े और महत्वपूर्ण समारोह में आमंत्रित किया है, तो दूसरी तरफ मोदी सरकार ने अभी तक उन्हें आधिकारिक आवास आवंटित नहीं किया है। जबकि वह पिछले साल जुलाई में अचानक इस्तीफा देने के बाद से इसके लिए हकदार हैं।
गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए जुलाई 2025 में देश के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। नियमों के अनुसार पूर्व उपराष्ट्रपति होने के नाते वह आवास के हकदार हैं, लेकिन इस्तीफा देने के काफी समय बीत जाने के बाद भी आवास न मिलने के मुद्दे को अब कांग्रेस ने राजनीतिक हथियार बना लिया है।
राजनीतिक बयानों और बहसों के बीच नागपुर में 20 अक्टूबर को होने वाला यह विजयादशमी उत्सव सुरक्षा, संगठन और वैचारिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संघ के इस शताब्दी समापन समारोह पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।