Nagpur RSS Headquarters Email Threat Security Alert: नागपुर जिले के महाल क्षेत्र स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय तथा रेशिमबाग स्थित हेडगेवार स्मृति भवन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद नागपुर पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। ईमेल के जरिए मिली इस धमकी को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। बम शोधक व नाशक दस्ते (बीडीडीएस) ने लगातार 3 घंटे तक दोनों परिसरों की बारीकी से जांच की, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला।
इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। हालांकि इस धमकी भरे ईमेल के कारण पूरे प्रशासन की भागदौड़ जरूर हो गई। जानकारी के अनुसार 'खालिस्तान नेशनल पार्टी' के नाम से पुणे महानगर पालिका के महापौर कार्यालय को मंगलवार रात एक धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था।
बुधवार की सुबह कर्मचारियों द्वारा ई-मेल खोले जाने पर यह मेल दिखाई दिया, जिसमें लिखा था कि वर्ष 1984 में चलाए गए 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' को आरएसएस का समर्थन प्राप्त था। साथ ही जून से सितंबर 1984 के दौरान हुए 'ऑपरेशन वुडरोज' में 20 हजार सिखों की मौत का बदला लेने के लिए 10 जून को आरएसएस मुख्यालय और हेडगेवार स्मृति भवन में बम विस्फोट किया जाएगा।
इसके अलावा पुणे महानगर पालिका, विधान भवन और आरएसएस की अलग-अलग शाखाओं में भी समय की सूचना के साथ सिलसिलेवार आईईडी धमाके करने की धमकी दी गई थी। पीएमसी ने इसकी जानकारी पुणे पुलिस को दी। पुणे पुलिस ने अपने क्षेत्र की जांच करवाने के साथ ही नागपुर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डीसीपी जोन 3 राहुल मदने, कोतवाली पुलिस और बीडीडीएस की टीम संघ बिल्डिंग और स्मृति भवन पहुंची।
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अलग-अलग दस्तों ने पूरे परिसर की जांच की। बम शोधक उपकरणों और श्वानों की मदद से चप्पा-चप्पा खंगाला गया। एक टीम को विधान भवन की जांच के लिए रवाना किया गया। तीनों स्थानों और आसपास के क्षेत्र की गहन जांच की गई। करीब 3 घंटे तक चले तलाशी अभियान में कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिलने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।
ज्ञात हो कि इस तरह की धमकी एक पत्र द्वारा विगत 27 अप्रैल को भी दी गई थी। पुलिस आयुक्त कार्यालय को प्राप्त हुए धमकी भरे पत्र में धर्मनिरपेक्ष सेवक संघ (डीएसएस) का नाम लिखा था। संघ मुख्यालय में रेडिएशन हमला करने की बात कही गई थी। इसके बाद भी पुलिस विभाग ने अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर दोनों ही परिसरों की जांच करवाई थी।
अब खालिस्तान नेशनल पार्टी के नाम से ईमेल भेजा गया है। इस ईमेल में सिख समाज के धर्मगुरु गुरनिरवैर सिंह और खान रजादा का नाम भी लिखा गया था। उनके नाम से इसी तरह की साजिश पहले भी पंजाब में ईमेल भेजकर की जा चुकी है। भले ही धमकी भरा ईमेल पुणे में मिला हो, लेकिन नागपुर पुलिस सहित एटीएस भी इस प्रकरण की जांच में जुट गई है।