नागपुर

नागपुर: RPF तबादलों को लेकर चर्चा तेज, IPF अधिकारियों की पोस्टिंग पर उठे सवाल

मध्य रेल जोन में RPF और IPF अधिकारियों की ट्रांसफर नीति पर उठे सवाल। जानें कैसे प्रभावित होंगे अधिकारी और क्या हैं नई चर्चाएँ।

रूपम सिंह

Nagpur RailwayTransfer List: मध्य रेल जोन के तहत मार्च का महीना आते ही तबादलों की हलचल तेज हो गई है। रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ में इस बार ट्रांसफर सूची को लेकर विभाग के अंदर नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

सूत्रों के अनुसार, विभाग में यह धारणा तेजी से बन रही है कि जो आईपीएफ इंस्पेक्टर पद के अधिकारी फिलहाल किसी पोस्ट थाना में तैनात हैं, उन्हें तबादले के बाद भी फिर से किसी अन्य पोस्ट पर ही भेजा जाएगा। वहीं हेडक्वार्टर और अन्य लिखापढ़ी वाली जगह काम कर रहे आईपीएफ स्तर के अधिकारी वहीं के वहीं रहे जायेंगे।

इक्कादुक्का उदाहरणों को छोड़ दिया जाये तो यह बात सही साबित होती है। जब DG अरुण कुमार ने हिला दिया था पूरा विभाग। इस कथित व्यवस्था को लेकर अब आरपीएफ की ट्रांसफर नीति पर सवाल उठने लगे हैं।

उल्लेखनीय है कि कोविड काल के दौरान तत्कालीन डीजी आरपीएफ अरुण कुमार द्वारा ट्रांसफर की एक नई नीति लागू की गई थी, जिसका उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की जिम्मेदारियों का अनुभव देना था। उनका मानना था कि आरपीएफ में फोर्स शब्द का उपयोग किया जाता है, इसलिए इसकी ट्रांसफर पॉलिसी भी पैरा मिलट्री फोर्स या बीएसएफ सरीखी होनी चाहिए।

उन्होंने हर जोन में ग्रामीण क्षेत्रों के आरपीएफ पोस्ट पर काम कर अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को शहरी या बड़े स्टेशनों को भेजने की अनुशंसा की थी। साथ ही बड़े स्टेशनों या व्यस्त पोस्टों के स्टाफ को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजने को कहा था।

इस नीति का उद्देश्य था कि सभी को समयसमय पर पोस्ट, मुख्यालय और विशेष शाखाओं में कार्य करने का अनुभव मिले। अब यह चर्चा है कि जो पोस्ट पर है, वह पोस्ट पर भी भेजा जाएगा। इससे यह धारणा बन रही है कि जिन अधिकारियों की पोस्टिंग थानों में है, उनके लिए मुख्यालय या एसआईबी स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच जैसे विभागों के दरवाजे नहीं हैं।

मध्य रेल जोन में चर्चा तेज। मध्य रेल जोन में हाल के कुछ तबादलों के बाद इस चर्चा ने और जोर पकड़ लिया है। विभाग के जानकारों का कहना है कि यहां कुछ ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जहां पोस्ट पर तैनात अधिकारियों को स्थानांतरण के बाद भी सीधे दूसरे पोस्ट की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि कुछ के मंडल जरूर बदल गये लेकिन पोस्ट का जलवा बरकरार है।

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