नागपुर बारिश, मानसून, (नवभारत डिजाइन फोटो) 
नागपुर

नागपुर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, जुलाई में 152.5 मिमी बारिश; 27 तक तेज बारिश के आसार

Nagpur Rainfall Update: जून में कमजोर बारिश के बाद नागपुर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। जुलाई में अब तक 152.5 मिमी बारिश दर्ज हुई व मौसम विभाग ने 27 जुलाई तक मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई है।

अंकिता पटेल

Nagpur Monsoon Rain Forecast: जून महीने में कमजोर प्रदर्शन के बाद अब जिले में मानसून ने लय पकड़ना शुरू किया है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 1 से 21 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक कुल 152.5 मिमी बारिश हो चुकी है। बादलों के बरसने का सिलसिला अभी जारी है। विभाग के अनुसार कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है जिसके चलते जिले में 27 जुलाई तक कभी मध्यम तो कभी तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

बताते चलें कि नागपुर जिले में जुलाई महीने की औसत वर्षा 347.7 मिमी है। बीते 10 वर्षों में केवल वर्ष 2017 को छोड़ दें तो पिछले वर्ष 2025 तक जुलाई के महीने में औसत के कहीं अधिक बारिश हुई है। जून महीने का बैकलॉग बारिश ने हर वर्ष जुलाई में पूर्ण किया है।

इस वर्ष जून के महीने में जिले में कुल 102.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 166.3 मिमी रही है। जून के महीने में 61.5 प्रतिशत बारिश हुई। वहीं जुलाई महीने में अब तक 152.5 मिमी बारिश हुई मतलब 1 जून से 21 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक कुल 254.8 मिमी बारिश हो चुकी है। यह बीते वर्ष 2025 से काफी कम है। पिछले वर्ष इस तारीख तक कुल 429.6 मिमी वर्षा हो चुकी थी।

एक ही दिन में 27.5 मिमी बारिश संपूर्ण

जिले में 20 जुलाई की सुबह 8:30 से 21 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक औसत 27.5 मिमी बारिश होने की जानकारी विभाग ने दी है। इन 24 घंटों में नागपुर सिटी में 28.9 मिमी, कामठी तहसील में 19.7 मिमी, हिंगना में 28.7 मिमी, रामटेक में 30.7 मिमी, पारशिवनी में 22.1 मिमी, मौदा में सर्वाधिक 60.5 मिमी, काटोल 20.9 मिमी, नरखेड़ 19.9 मिमी, सावनेर 28.0 मिमी, कलमेश्वर 21.2 मिमी, उमरेड 27.2 मिमी, भिवापुर 23.6 मिमी और कुही में 17.7 मिमी बारिश एक ही दिन में दर्ज की गई।

किसानों को मिली राहत

खरीफ बुआई के लिए अनुकूल वातावरण बनने से अब किसानों को राहत मिली है। जून के महीने में पहले 3 सप्ताह तक तो बुआई के लायक बारिश ही नहीं हुई थी। कृषि विभाग व सरकार द्वारा अपील की गई थी कि जब तक 100 मिमी से अधिक बारिश नहीं होती, बुआई न करें।

हालांकि जिले के कुछ भागों में जून के अंतिम सप्ताह तक 15 से 20 फीसदी बुआई हो चुकी थी। जून के अंत व जुलाई के पहले सप्ताह तक जब बारिश 100 मिमी के ऊपर पहुंच गई तब किसानों ने बुआई का काम शुरू किया।

कपास, सोयाबीन, तुअर आदि के अंकुर भी निकल गए लेकिन बीच में फिर बादलों की दगाबाजी के चलते किसानों के माथों पर चिंता की लकीर नजर आने लगी थी। अब जब मानसून लय में नजर आ रहा है और जिले भर में बादल बरस रहे हैं तो किसानों के चेहरों पर राहत नजर आ रही है।

महीने के अंत तक औसत पूरा होने की संभावना

जुलाई महीने की औसत बारिश 347.7 मिमी है। जिस तरह से बादल मेहरबान होते दिख रहे हैं, ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इस महीने के अंत तक बादल यह टारगेट पूरा कर लेंगे।

वर्ष 2016 से 2025 तक का रिकॉर्ड देखें तो जुलाई 2017 और 2020 को छोड़कर शेष सभी वर्ष इस माह 400 मिमी से अधिक बारिश दर्ज हुई है। उक्त 2 वर्षों में क्रमशः 324.7 और 378.6 मिमी बारिश हुई थी। वर्ष 2022 में तो रिकॉर्ड तोड़ 628.7 मिमी बारिश हुई थी।

दिल्ली ITO के पास सड़क हादसा, दो विधायकों समेत कई घायल, LNJP अस्पताल में कराया गया भर्ती

पुण्यतिथि विशेष: कभी नहीं जीते आम चुनाव, फिर भी वाजपेयी-मोदी सरकार में बने मंत्री! अरुण जेटली की अनोखी कहानी

चंडीगढ़ को दहलाने की साजिश? ISBT के पास IED और हथियार बरामद, पुलिस ने 3 को पकड़ा

काशी पहुंचे जापान के गवर्नर कोटारो नागासाकी, बोले- ग्रीन हाइड्रोजन से नई ऊंचाई छुएंगे भारत-जापान संबंध

न पीने की पानी... न बैठने की जगह, 89% स्टेशनों का बुरा हाल; CAG रिपोर्ट ने खोली रेलवे के दावों की पोल