Nagpur Property Registration Clarification: नागपुर जिले में संपत्तियों और घरों की रजिस्ट्री रुकने को लेकर फैली अफवाहों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी और पालक मंत्री बावनकुले ने स्पष्ट किया है कि संपत्तियों की रजिस्ट्री रोकने का कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री फडणवीस या अन्य किसी भी मंत्री ने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी के महल स्थित कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में यह स्पष्टीकरण दिया गया। इस बैठक में नाग नदी परियोजना के कार्यों और इमारतों के ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि नए घरों की रजिस्ट्री रोकने का कोई निर्देश नहीं है और यदि पुराने नियमों के अनुसार सभी कानूनी दस्तावेज व आवश्यक प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए जाते हैं तो घरों की रजिस्ट्री सुचारु रूप से की जा रही है।
यह बताया गया कि बड़ी इमारतों के निर्माण अनुमति प्रमाणपत्र और अधिभोग प्रमाणपत्र (OC) से जुड़े मुद्दों के कारण ही आम लोगों में रजिस्ट्री रुकने की गलतफहमी पैदा हुई थी।
बैठक में उजागर हुए चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार नागपुर शहर में 3,669 इमारतों के केवल 426 इमारतों के लिए ही ओसी लिया गया है। यानि शेष 3,243 इमारतों के पास ओसी ही नहीं है।
लापरवाह बिल्डरों पर होगी सख्त कार्रवाई गडकरी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन इमारतों के पास ओसी नहीं है, उन्हें तुरंत नोटिस जारी किया जाए और 4 महीने के भीतर इस पूरे मामले का समाधान निकाला जाए। इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया गया कि कई आम निवासियों ने अधूरे दस्तावेजों के आधार पर ही बैंकों से कर्ज लेकर घर खरीद लिए हैं।
इस पर नितिन गडकरी ने निर्देश दिया है कि इन निवासियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए लेकिन पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई की जाए। हालांकि जो बिल्डर ओसी प्राप्त करने में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा और उनकी संपत्तियों की रजिस्ट्री नहीं की जाएगी, ऐसे कड़े निर्देश भी दिए गए हैं।