Draupadi Murmu AIIMS Nagpur Convocation Speech: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को नागपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने भावी चिकित्सकों को चिकित्सा जगत की चुनौतियों और नैतिक मूल्यों के महत्व से अवगत कराया। राष्ट्रपति ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि चिकित्सा एक ऐसा पेशा है जहाँ तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, वह मानवीय करुणा और ईमानदारी का स्थान कभी नहीं ले सकती। इस दौरान राज्य के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व अन्य मौजूद थे।
AIIMS नागपुर में युवा डॉक्टरों को प्रोत्साहित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति का आधार केवल जिज्ञासा है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी डिग्री को शिक्षा का अंत न समझें, बल्कि इसे निरंतर सीखने की एक प्रक्रिया के रूप में देखें। उन्होंने कहा, "नवाचार और अनुसंधान (Research) की ललक ही आपको एक उत्कृष्ट डॉक्टर बनाएगी। चिकित्सा क्षेत्र में हर दिन नई चुनौतियाँ आती हैं, जिनका समाधान केवल वही ढूंढ सकते हैं जिनके भीतर सीखने की भूख जीवित हो।"
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चिकित्सकों को याद दिलाया कि चिकित्सा के क्षेत्र में नैतिक मूल्यों का स्थान सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर का रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण और उसके प्रति सहानुभूति ही उपचार की आधी सफलता तय कर देती है। उनके अनुसार, तकनीक एक सहायक उपकरण हो सकती है, लेकिन करुणा ही वह तत्व है जो किसी व्यक्ति को 'अच्छा डॉक्टर' और 'अच्छा इंसान' बनाता है।
समारोह के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने विश्वास जताया कि देश की युवा शक्ति, विशेषकर बेटियां और बेटे, मिलकर साल 2047 तक भारत को 'विकसित भारत' बनाने के संकल्प को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि जब नागरिक स्वस्थ होंगे, तभी राष्ट्र प्रगति करेगा।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पिछले दशक में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए उठाए गए कदमों की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 43 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जो गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं। प्राथमिक चिकित्सा को मजबूत करने के लिए देश भर में 1.85 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं। अंत में, उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि मानवता की सेवा का यह विशेष अवसर गर्व और जिम्मेदारी का विषय है।