Nagpur Orange Processing Center: नागपुर विदर्भके संतरा उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके फलों को उचित मूल्य दिलाने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने नागपुर कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) द्वारा प्रस्तावित 4 करोड़ रुपये की लागत वाले आधुनिक संतरा प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र के निर्माण को आधिकारिक तौर पर प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। सहकारिता, विपणन और वस्त्रोद्योग विभाग ने इस संबंध में शासन निर्णय (जीआर) जारी कर दिया है। यह केंद्र नागपुर के संतरा उद्योग के लिए गेम चेंजर साबित होगा।
नोडल एजेंसीः इस पूरी परियोजना की देखरेख पुणे स्थित राज्य कृषि विपणन मंडल (एमएसएएमबी) के कार्यकारी निदेशक करेंगे।
निधि का वितरणः योजना के तहत लाभार्थी (मंडी समिति) को सबसे पहले कुल लागत का 15 प्रतिशत हिस्सा स्वयं खर्च करना होगा। शेष 85 प्रतिशत राशि की व्यवस्था बैंक ऋण के माध्यम से की जाएगी।
सरकारी अनुदानः परियोजना का काम पूरा होने और कृषि विपणन मंडल द्वारा निरीक्षण के बाद सरकार कुल लागत का 50 प्रतिशत (अधिकतम 4 करोड़ की सीमा तक) अनुदान प्रदान करेगी। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
समय सीमाः प्रशासनिक मंजूरी के साथ ही सरकार ने इस परियोजना को पूरा करने की समय सीमा भी निर्धारित कर दी है। शासन निर्णय के अनुसार, इस प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र का निर्माण कार्य आर्थिक वर्ष 2026-2027 तक अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।
उल्लेखनीय है कि 27 दिसंबर 2023 के मूल शासन निर्णय के तहत राज्य के प्रमुख संतरा उत्पादक बेल्ट में ऐसे केंद्र बनाने की योजना है। नागपुर (शहर) के अलावा जिले के काटोल और कलमेश्वर में भी केंद्र प्रस्तावित हैं।
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इसके साथ ही अमरावती जिले के मोर्शी और बुलढाणा में भी आधुनिक संतरा प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे पूरे संतरा बेल्ट के किसानों को लाभ मिलेगा। इन केंद्रों के शुरू होने से संतरों की ग्रेडिंग, वैक्सिंग और पैकेजिंग अत्याधुनिक तरीके से हो सकेगी, जिससे संतरों की 'शेल्फ लाइफ' बढ़ेगी और किसानों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेहतर दाम मिल सकेंगे।