पौधारोपण सोर्स- सोशल मीडिया
नागपुर

कागजों पर हरियाली, जमीन पर सन्नाटा: नागपुर मनपा के 5 लाख पौधारोपण अभियान की खुली पोल

Nagpur Municipal Corporation Plantation: नागपुर मनपा के 5 लाख पौधारोपण अभियान की पोल खुल गई है। गार्डन विभाग की लचर कार्यप्रणाली के चलते जमीनी स्तर पर लक्ष्य का सिर्फ 26 प्रतिशत ही काम हो पाया है।

प्रमोद यादव

Highlights

  • नागपुर मनपा ने बड़े पैमाने पर पौधारोपण का लक्ष्य रखा है, लेकिन अभियान की प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं।

  • गोरेवाड़ा बायोडायवर्सिटी पार्क में 40,000 के लक्ष्य के मुकाबले 28,325 पौधे लगाने का दावा किया गया है।

  • शासकीय और निजी संस्थाओं के लिए 1 लाख पौधों के लक्ष्य के मुकाबले 3,000 पौधों की जानकारी दी गई है।

  • ब्लॉक पौधारोपण में 50,000 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 500 पौधे लगाए जाने का दावा है।

Tree Plantation Campaign Nagpur: नागपुर मनपा की ओर से भले ही 5 लाख पौधारोपण का डंका पीटा गया हो, किंतु इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे गार्डन विभाग की लचर प्रणाली के चलते पूरे अभियान की हवा निकलती जा रही है।

जानकारी के अनुसार गार्डन विभाग की ओर से वास्तविक रूप में केवल आंकड़ों की बाजीगरी की जा रही है जबकि जमीनी स्तर पर वास्तविकता अलग है। भले ही अब तक 97,181 पौधारोपण होने की जानकारी उजागर की जा रही है, किंतु सूत्रों की मानें तो यह आंकड़ा केवल वह है।

जिसमें भगोया विभाग की ओर से पार्षदों, विभिन्न संगठनों और संस्थाओं को पौधे बांटे गए हैं। अभियान के तहत विभिन्न श्रेणियों में पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

गोरेवाड़ा बायोडायवर्सिटी पार्क में 40,000 पौधे लगाने का लक्ष्य

जिसमें गोरेवाड़ा बायोडायवर्सिटी पार्क, शासकीय एवं खाजगी संस्थाएं, सीएसआर/प्रायोजक, नगरसेवक-नगरसेविका, ब्लॉक प्लांटेशन, सड़क किनारे पौधारोपण, जनसहभागिता और डिसाइडर में भी चापा पौधे लगाने जैसी योजनाएं शामिल करने की घोषणा की गई थी।

आंकड़ों के अनुसार गोरेवाड़ा बायोडायवर्सिटी पार्क में 40,000 पौधे लगाने का लक्ष्य था। आथर्यजनक यह कि अभियान के तहत विभाग ने यहां पर 50 प्रतिशत से अधिक तक का आंकड़ा छूने का दावा कर दिया है।

विभाग के दावे के अनुसार 28,325 पौधे लगाए गए हैं। यह किसी एक स्थान पर सबसे बड़ी संख्या है। हालांकि अभी भी लक्ष्य से काफी पीछे है। जानकारों के अनुसार विशेष रूप से जो पौधारोपण हो रहे हैं उनका गूगल मैपिंग होना अनिवार्य है।

जहां भी पौधा लगाया जाए, उसे आम लोगों की जानकारी में लाने के लिए गूगल मैपिंग कर सार्वजनिक करने की मांग कुछ पर्यावरण मित्रों ने की है।

शासकीय एवं निजी संस्थाओं पर निर्भर

नागपुर मनपा की ओर से शासकीय आस्थापना, निजी संस्था एवं अन्य के अंतर्गत 1,00,000 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से मात्र 3,000 पौधे ही लगाए जा सके। चाह स्थिति चिंताजनक है। सीएसआर के माध्यम से प्राप्त वृक्ष तथा पार्षदों द्वारा किए गए पौधारोपण के अंतर्गत 22,000 पौधे का लक्ष्य था।

जिसमें 19,153 पौधे लगाए जाने की जानकारी विभाग द्वारा की जा रही है किंतु सत्यता यह है कि पौधारोपण की घोषणा के बाद अधिकांश पार्षदों को पौधों का वितरण ही नहीं किया गया।

जहां कुछ पार्षदों को पौधे दिए गए। उसके चंद दिनों में ही आचार संहिता लागू हो गई जिससे पूरा मामला ही ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बावजूद दावे की भरमार है।

डिवाइडर में एक भी नहीं लगा चापा पौधा

विभाग की ओर से ही सनसनीखेज खुलासा किया गया है। इसके अनुसार डिवाइडर में बापा गौरी लावये के अंतर्गत 10,000 पौधे का का लक्ष्य का लेवान एक भी पौधा नहीं लगाया गया। कुल 1,67,000 पौधे लगाने का टार्गट रखा गया था।

जिसके विरुद्ध अब तक 97,181 पौधे लगाग गए। यानी लक्ष्य का लगभग 26.5 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। पर्यावरण विशेष कहना है कि पौधारोपण केवल संख्या का खेल नहीं है बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है।

अभिवन में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने की जरूरत है ताकि लक्ष्य केवल कागजों तक सीमित न रहे 50 हजार का लक्ष्य, 500 ही लगे विभाग के अनुसार ब्लॉक पौधारोपण में 50.000 वृक्ष का लक्ष्य था। लेकिन केवल 500 पौधे ही लगाए गा, यह बाद कम है।

इसके अलावा सड़कों के किनारे होनेवाले पौधारोपण के अंतर्गत 20.000 पीचे का लक्ष्य वा। किंतु एक भी पौधा नहीं लगाया गया यह शून्य प्रगति दशांता है। जन सहयोग अंतर्गत पौधारोपण में 25,000 पौधे का लक्ष्य था, जिसमें 10.389 दौडे लगाएं गए, जनसहभागिता धीमी गति से आगे बढ़ रही है।

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