नाग नदी (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

NMC: अब नहीं डूबेगा नागपुर! अंबाझरी बांध की बदलेगी सूरत; ₹32 करोड़ से मजबूत होंगी दीवारें, देखें पूरा प्लान

NMC Nag River Strengthening Project: नागपुर शहर को बाढ़ से बचाने के लिए राज्य सरकार ने अंबाझरी तालाब और नाग नदी के सक्षमीकरण हेतु ₹70 करोड़ मंजूर किए। जानें प्रोजेक्ट का पूरा विवरण और डीपीआर।

प्रिया जैस

NMC Ambazari Lake Rejuvenation: भविष्य में बाढ़ जैसे संकट को टालने और शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने अंबाझरी तालाब और नाग नदी के सक्षमीकरण के लिए महानगर पालिका को 70 करोड़ रुपये का अनुदान देने की मंजूरी दी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन मंजूर किए गए इस फंड के संबंध में मनपा को 31 मार्च को आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ।

उल्लेखनीय है कि 22 और 23 सितंबर 2023 को नागपुर में मात्र 4 घंटे के भीतर 112 मिलीमीटर की भारी बारिश हुई थी, जिससे नाग नदी और पीली नदी की दीवारें टूट गई थीं और शहरवासियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। उस समय एनडीआरएफ के मानकों के अनुसार तत्काल मदद दी गई थी। ऐसी भयानक स्थिति दोबारा न आए, इसके लिए मनपा ने अंबाझरी तालाब और नाग नदी के सक्षमीकरण का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था।

प्रस्ताव और कार्यों का विस्तृत विवरण

इस योजना के तहत 150 साल पुराने अंबाझरी बांध की जर्जर दीवारों के कंक्रीटीकरण और सुरक्षा के लिए 21.07 करोड़ रुपये तथा मिट्टी के बांध की मरम्मत, स्टोन पिचिंग और ड्रेन के निर्माण के लिए 11.35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, मनपा ने 234.21 करोड़ रुपये की एक विस्तृत योजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी राज्य सरकार को सौंपी है। जलभराव रोकने के लिए अंबाझरी से पंचशील चौक तक करीब 5 किलोमीटर की दूरी में नाग नदी को 1 मीटर तक गहरा कर गाद निकाली जाएगी, जिससे पानी वहन करने की क्षमता में वृद्धि होगी। इसके अलावा, प्रन्यास के स्केटिंग रिंग पार्किंग, जहां बड़ी मात्रा में पानी रुकता है, उसे अतिक्रमण मुक्त कर पानी के प्रवाह को सुचारु करने के लिए पार्किंग पिलर हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

NMC ठेकेदारों के बकाये का होगा भुगतान

इससे पहले मनपा को पहले चरण में 14 करोड़ रुपये और फिर 76 करोड़ रुपये का अनुदान मिला था। सक्षमीकरण के कार्य तो हुए, लेकिन आगे फंड न मिलने के कारण ठेकेदारों के बिल लंबित थे। अब 70 करोड़ रुपये की यह नयी निधि संभागीय आयुक्त और जिलाधिकारी के माध्यम से मनपा को प्राप्त होगी, जिससे ठेकेदारों के लंबित बिलों का भुगतान किया जाएगा।

चेतावनी की अनदेखी का परिणाम

सक्षमीकरण की आवश्यकता लंबे समय से थी। अंबाझरी तालाब को 2003 में ही ऐतिसाहिक धरोहर स्थल की सूची में शामिल किया गया था और 2013 में इसके 200 मीटर के दायरे में किसी भी निर्माण पर रोक लगा दी गई थी। 2017 में नाशिक के इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ने मनपा को तालाब के तत्काल संरक्षण की जरूरत बताई थी और 2018 में हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई थी।

उस समय न्यायालय ने अंबाझरी तालाब के संरक्षण के लिए उपाय योजना का खाका तैयार करने के आदेश दिए थे, लेकिन इन सबकी अनदेखी का खामियाजा अंततः सितंबर 2023 की बाढ़ के रूप में नागपुर की जनता को भुगतना पड़ा।

कुल 266 करोड़ की योजना और उच्चाधिकार समिति की निगरानी

अंबाझरी तालाब की सुरक्षा की पुष्टि करना, नाग नदी के प्रवाह को सुचारु बनाना और नदी किनारे से अतिक्रमण हटाना इस संपूर्ण कार्य का मुख्य उद्देश्य है। इन कार्यों, जिनमें तालाब, नदी, नाले, पुल और सड़कों की मरम्मत शामिल है, के लिए कुल 266 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन कार्यों की निगरानी के लिए संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया है, जिसकी देखरेख में यह सुदृढ़ीकरण कार्य किया गया।

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