Nagpur NMC Assistant Commissioner Notice: नागपुर मनपा द्वारा लगातार लिए जा रहे कड़े निर्णयों के बीच अब अधिकारियों पर भी गाज गिरने लगी है। इसका उदाहरण उस समय देखने को मिला जब बकाया सम्पत्ति कर वसूलने के लिए बन रही रणनीति के दौरान बैठक से मंगलवारी जोन के सहायक आयुक्त घनश्याम पंधरे गायब रहे। उनके गायब रहने की लगातार आदत को देखते हुए अचानक मनपा आयुक्त डॉ। विपिन इटनकर ने फिर एक बार पंधरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
कारण बताओ नोटिस में उन्हें प्रशासकीय लापरवाही के लिए निलंबित क्यों न किया जाए, इसका जवाब देने की कड़ी हिदायत दी गई है। जोन के सहायक आयुक्त जैसे पद के अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी होने से अब अधिकारियों में हडकम्प मचा हुआ है। बताया जाता है कि सहायक आयुक्त पंधरे की पूरी कार्यप्रणाली आपत्तिजनक रही है जिसके लिए उन्हें कई बार संकेत भी दिए गए। किंतु कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं है।
सूत्रों के अनुसार मंगलवार को संपत्ति कर विभाग की एक अति-महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी जिसमें कर वसूली के लक्ष्यों और लंबित मामलों पर विस्तृत चर्चा की जानी थी। हालांकि इस अहम बैठक में सहायक आयुक्त घनश्याम पंधरे अनुपस्थित रहे और उन्होंने इसके पीछे अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया। प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार पंधरे का काम से गायब रहने का यह कोई पहला मामला नहीं है; पिछले कुछ महीनों में उन्होंने लगातार कई छुट्टियां ली हैं।
इसी रवैये के कारण उन्हें पहले भी 3 बार नोटिस जारी किए जा चुके थे लेकिन उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं दिखा। यहां तक कि नोटिस मिलते ही हर समय उन्होंने स्वास्थ्य का कारण देते हुए मेडिकल प्रमाणपत्र के साथ छुट्टी का आवेदन दे दिया। प्रशासन द्वारा जारी किए गए ताजा नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि महत्वपूर्ण विभाग का प्रभार होने के बावजूद बार-बार अनुपस्थित रहना और बैठकों से नदारद रहना सरकारी कामकाज में लापरवाही है।
सूत्रों की मानें तो लगातार हो रही इस लापरवाही के कारण मनपा प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है। पंधरे को जारी किए गए नोटिस में उन्हें 7 दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो सेवा नियमों के तहत उनके निलंबन की कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।
संपत्ति कर मनपा की आय का सबसे बड़ा स्रोत माना जाता है। मनपा कर्मचारियों की ओर से भी यह शिकायत की जा रही थी कि आय बढ़ाने की जिम्मेदारी वाले सहायक आयुक्त के ही लगातार अनुपस्थित रहने के कारण राजस्व वसूली और नागरिकों की शिकायतों के निवारण पर सीधा और नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। सरकारी काम में अनुशासन और जिम्मेदारी के महत्व को दृढ़ता से उजागर करने वाली मनपा प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई की वर्तमान में मनपा गलियारों में जोरदार चर्चा हो रही है।