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Nagpur News: घर बेचने-खरीदने से पहले ‘NOC’ अनिवार्य, NIT के नए आदेश पर विवाद तेज

Property Registration Nagpur: एनआईटी नागपुर ने अपने लेआउट और पट्टे पर दी गई संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन से पहले एनओसी अनिवार्य कर दी है। अब संपत्ति पंजीकरण के लिए नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

प्रिया जैस

Nagpur Property Registration Dispute: नागपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (एनआईटी) ने इस पर जोर दिया है कि उसके द्वारा विकसित लेआउट या उसके पट्टे पर लिए गए भूखंडों से संबंधित किसी भी बिक्री विलेख या बिक्री समझौते को पंजीकृत करने से पहले अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) अनिवार्य है।

विडंबना यह है कि एनआईटी का यह रुख सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले के विपरीत है जिसमें पंजीकरण अधिनियम की धारा 22(ए) के तहत किसी भी संपत्ति के लेन-देन को पंजीकृत करने से पहले विभिन्न प्राधिकरणों और योजना निकाय से एनओसी प्राप्त करना आवश्यक है।

एनआईटी ने उपमहानिरीक्षक (डीआईजी), स्टाम्प और पंजीकरण को एनओसी जारी करने के संबंध में अपने नवीनतम पत्र में एक बार फिर जोर देकर कहा है कि एनआईटी ने विभिन्न लेआउट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, आवासीय आवास योजनाएं विकसित की हैं और अपनी संपत्तियों को विभिन्न आवंटियों को 30 साल के पट्टे पर दिया है, इसलिए ऐसी संपत्तियों का स्वामित्व एनआईटी के पास ही रहता है, अतः उसकी एनओसी अनिवार्य है।

मकान के लेन-देन के लिए एनओसी अनिवार्य

पत्र में रजिस्ट्रार कार्यालय से अनुरोध किया गया है कि बिना एनओसी के किसी भी दस्तावेज का पंजीकरण न किया जाए। महाराष्ट्र सरकार ने 27 फरवरी, 2002 की अधिसूचना के माध्यम से एनआईटी के अधिकार क्षेत्र को पहले ही सीमित कर दिया था और उसके अधिकार को केवल 7 विषयों तक ही सीमित कर दिया था। जिनमें हरित क्षेत्र का नियंत्रण और अनधिकृत लेआउट का नियमितीकरण शामिल है। उक्त अधिसूचना का पूरा लाभ उठाते हुए एनआईटी ने यह भी दावा किया है कि अनधिकृत लेआउट में स्थित किसी भी भूखंड या मकान के लेन-देन के लिए उसकी एनओसी अनिवार्य है।

पत्र में किया था स्पष्ट

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद स्टाम्प रजिस्ट्रार ने 22 नवंबर, 2006 को जारी अपने पत्र में स्पष्ट किया था कि दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए विभिन्न प्राधिकरणों से एनओसी की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा पत्र में निर्देश दिया गया था कि रजिस्ट्रारों को एनओसी के अभाव में दस्तावेजों के पंजीकरण से इनकार नहीं करना चाहिए।

नागपुर नगर निगम जो अब नागपुर के लिए योजना प्राधिकरण है, ने तुरंत एक सामान्य पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि उसके पट्टे पर लिए गए भूखंडों से संबंधित किसी भी दस्तावेज के पंजीकरण के लिए उसकी एनओसी की आवश्यकता नहीं है। इस पत्र की प्रति सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध है। इसके विपरीत नजूल, नगर नियोजन और एनआईटी सहित अन्य विभागों ने नागरिकों के लिए जीवन मुश्किल बना दिया था और इन कार्यालयों से एनओसी प्राप्त करना हमेशा एक कठिन कार्य माना जाता था।

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