इंदोरा–दिघोरी फ्लाईओवर (सौजन्य-नवभारत) 
नागपुर

NHAI का मास्टर प्लान: जून 2026 में शुरू होगा इंदोरा-दिघोरी फ्लाईओवर, अप्रैल में सक्करदरा-दिघोरी का ट्रायल!

Indora Dighori Flyover Update: नागपुर में जून 2026 तक शुरू होगा देश का सबसे लंबा UHPFRC फ्लाईओवर। इंदोरा से दिघोरी तक का सफर होगा आसान। सक्करदरा-दिघोरी फेज का अप्रैल में ट्रायल।

प्रिया जैस

NHAI Nagpur Flyover: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) इंदोरा चौक से दिघोरी चौक तक देश का सबसे लंबा अत्याधुनिक अल्ट्रा हाई परफॉर्मेंस फाइबर रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट (यूएचपीएफआरसी) तकनीक से फ्लाईओवर बना रहा है। खास बात है कि 998 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे इस मल्टी लेन फ्लाईओवर का सक्करदरा से दिघोरी तक का भाग अप्रैल माह में ट्रायल के लिए शुरू किया जा सकता है।

प्रोजेक्ट का 73 प्रतिशत से अधिक भौतिक कार्य पूरा हो चुका है और इसे जून 2026 तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को एनएचएआई के स्थापना दिवस पर प्रोजेक्ट निदेशक चंद्रकांत सिन्हा ने इस अत्याधुनिक प्रोजेक्ट की जानकारी दी।

UHPFRC टेक्निक पर 3 किमी का हिस्सा

सिन्हा ने बताया कि प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता इसमें उपयोग की जा रही यूएचपीएफआरसी तकनीक है, जो लंबे स्पैन, अधिक मजबूती, बेहतर टिकाऊपन और कम रखरखाव की सुविधा प्रदान करती है। भांडे प्लॉट चौक से दिघोरी तक लगभग 3 किलोमीटर लंबा हिस्सा पूरी तरह यूएचपीएफआरसी गर्डरों पर आधारित है जिससे यह फ्लाईओवर देश में अपनी तरह का इकलौता बन गया है। उन्होंने बताया कि यह रूट इंदोरा चौक, अशोक चौक, शीतला माता चौक और दिघोरी चौक को जोड़ता है। इसे दो लेन, दो-तरफा यातायात के लिए डिजाइन किया गया है जिसकी कैरिजवे चौड़ाई 12 मीटर है।

डागा हॉस्पिटल के लिए डेडिकेटेड रैम्प

उल्लेखनीय है कि फ्लाईओवर प्रोजेक्ट में पांचपावली क्षेत्र में 2 आरओबी व आरयूबी शामिल हैं। मौजूदा आरओबी का पुनर्निर्माण जारी है। डागा मेमोरियल महिला अस्पताल के पास अप-डाउन रैंप बनाए जा रहे हैं। इससे दोनों ओर से आने वाले वाहन नीचे उतरकर सीधे हॉस्पिटल जा सकेंगे। एंबुलेंस जैसे वाहनों को भी कोई अड़ंगा नहीं आयेगा। अग्रसेन चौक पर फ्लाईओवर मेट्रो लाइन को पार करता है जहां यह सेकेंड लेवल पर मेट्रो और फर्स्ट लेवल पर फ्लाईओवर के रूप में पूरा किया जा चुका है।

अशोक चौक पर स्थापित होगा अशोक स्तंभ

अशोक चौक पर पायलन सपोर्टेड एलिवेटेड रोटरी का निर्माण भी पूरा हो चुका है जो भंडारा रोड, मेडिकल चौक और नागपुर बस स्टैंड की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों को जोड़ता है।

इसका गोलाकर आकार भीतर से 30 मीटर और बाहर से 64 मीटर है। इस चौक को केबल स्टेड टेक्निक से जोड़ा गया है। इनकी कुल संख्या अशोक चक्र की 24 रेखाओं की तरह संख्या में 24 ही रखी गई है।

इसके सेंट्रल पायलान पर धातु से बना अशोक स्तंभ स्थापित किया जायेगा। इसके अलावा फ्लाईओवर के नीचे की सड़क का विकास कार्य भी जारी है जिसमें 3 प्रमुख और 11 छोटे जंक्शनों का सुधार किया जा रहा है, ताकि स्थानीय यातायात निर्बाध रूप से चल सके।

विंडो से सीधे फ्लाईओवर पर इंट्री नॉइस बेरियर लगाकर होगा बचाव

घनी आबादी के बीच पाचपावली पुल को तोड़कर गोलीबार चौक, अग्रसेन चौक, महाल, सक्करदरा जैसे व्यस्त मार्गों और आसपास में ऊंची व्यावसायिक और इमारतों और फ्लाईओवर के बीच कई जगह इंच भर भी जगह नहीं छूटी है।

एक जगह ऐसा नजारा है जहां खिड़की खोलकर सीधे फ्लाईओवर पर इंट्री की जा सकती है। ऐसे में इमारतों में रहने वालों की सुरक्षा दांव पर लग सकती है।

प्रोजेक्ट डायरेक्टर सिन्हा ने बताया कि इसके लिए लगभग पूरे फ्लाईओवर में नॉइस बेरियर लगाये जायेंगे। इससे इमारतों की सुरक्षा के साथ लोगों को वाहनों के शोर से भी राहत मिलेगी।

पांचपावली रेलवे क्रॉसिंग की दिक्कत भी सुलझी

इस फ्लाईओवर के बचे हुए काम की बात करें तो अब भी पांचपावली रेलवे क्रॉसिंग पर गर्डर बिछाकर ब्रिज को जोड़ना सबसे बड़ी चुनौती है। जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पूर्व-मध्य रेल, बिलासपुर द्वारा एनएचआईए के डिजाइन पर सवाल खड़े करते हुए कई महीनों तक मंजूरी रोककर रखी थी।

हालांकि अब ये दिक्कत दूर कर दी गई है, इसलिए रेलवे क्रॉसिंग के पास काम शुरू किया जा चुका है। हालांकि गर्डर लॉन्चिंग के लिए रेलवे ब्लाक का समय और मंजूरी अब भी एसईसीआर के हाथ में है लेकिन सिन्हा ने दावा किया कि हम जून तक इस काम को पूरा करके ब्रिज पूरा करने की ओर बढ़ चुके हैं।

ग्रीन हाईवे : सराहनीय पहल

इसके अलावा एनएचएआई की ग्रीन हाईवे पहल का भी आगे बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में वर्धा रोड पर एनएच-44 पर जामठा क्लोवरलीफ में 8.23 हेक्टेयर क्षेत्र में बर्ड पार्क विकसित किया जा चुका है। इसके अलावा 3 मियावाकी (जापानी तकनीक) वन क्षेत्रों में 27,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं तथा 4 ऑक्सीजन पार्क क्लोवरलीफ इंटरचेंज पर विकसित किए गए हैं जिससे राजमार्ग क्षेत्र को हरित और टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र में बदला जा रहा है।

पूरा प्रोजेक्ट (एक नजर में)

  • शहर में नागपुर–उमरेड रोड (एनएच-353डी)
  • कुल लंबाई : 8.90 किलोमीटर
  • करार का प्रकार : ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन)
  • ठेकेदार कंपनी : मेसर्स एनसीसी लिमिटेड, हैदराबाद
  • डीपीआर सलाहकार : मेसर्स यूरोस्टूडियोस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  • एई/आईई/एससी (तकनीकी सलाहकार) : मेसर्स एसए इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंट प्रा. लि. (उपहम इंटरनेशनल कॉरपोरेशन के साथ संयुक्त उपक्रम)
  •  स्वीकृत लागत : 998.27 करोड़
  • निर्माण लागत (सिविल) : 684.88 करोड़
  • एलओए (कार्यादेश) : 27 मार्च 2023
  • अनुबंध पर हस्ताक्षर : 28 अप्रैल 2023
  • कार्य प्रारंभ : 1 जुलाई 2023
  • संभावित पूर्णता : 30 जून 2026
  • भौतिक व वित्तीय प्रगति : 73% कार्य पूर्ण, 69% राशि खर्च
  • फ्लाईओवर की वास्तविक लंबाई : 6.37 किलोमीटर
  • सर्विस रोड व स्लिप रोड की लंबाई : 13.82 किलोमीटर (पुनर्निर्माण/ओवरले सहित)

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