कैसे लगे गर्डर? NHAI ने मनपा को अंधेरे में रखा, मकान की गैलरी में फ्लाईओवर का मामला, चर्चाएं तेज

NHAI: नागपुर में कमाल चौक से दिघोरी तक 9 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का काम चल रहा है। इस दौरान अशोक चौक पर एक मकान से सटकर अजीबोगरीब तरह से फ्लाईओवर निकालने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
NHAI: नागपुर में कमाल चौक से दिघोरी तक 9 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का काम चल रहा है। इस दौरान अशोक चौक पर एक मकान से सटकर अजीबोगरीब तरह से फ्लाईओवर निकालने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
मकान की गैलरी में फ्लाईओवर का मामला (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur News: नागपुर शहर के अशोक चौक पर बन रहा फ्लाईओवर एक इमारत की गैलरी से होकर गुजर रहा है। संभवत: देश में इस तरह का पहला मामला होगा जिसमें कोई फ्लाईओवर किसी के निजी मकान की गैलरी से होकर गुजर रहा हो। जिसके चलते यह न केवल सोशल मीडिया पर छाया हुआ है बल्कि सभी के लिए चर्चा का विषय बन गया है। यहां तक कि लोगों ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर एनएचएआई और मनपा की आलोचना की है।

गौरतलब है कि कमाल चौक से दिघोरी फ्लाईओवर के अलाइनमेंट के बारे में एनएचएआई ने मनपा को अंधेरे में रखा है। शहरवासियों की नाराजगी के बाद एनएचएआई ने मनपा से अतिक्रमण हटाने की मांग की जिसके बाद मनपा आयुक्त ने एनएचएआई को पूरे फ्लाईओवर का अलाइनमेंट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही, उन्होंने अतिक्रमण हटाने के संबंध में एक पत्र भेजने का निर्देश भी दिया।

कैसे लगे गर्डर, चर्चाएं जारी

कमाल चौक से दिघोरी तक 9 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का काम चल रहा है। कुछ हिस्सों में अभी भी खंभों पर गर्डर नहीं लगाए गए हैं। हालांकि अशोक चौक पर फ्लाईओवर का काम तेजी से पूरा हो गया लेकिन चूंकि फ्लाईओवर का एक हिस्सा प्रवीण पात्रे के घर की बालकनी से होकर गुजरा, इसलिए सोशल मीडिया के जरिए एनएचएआई की यह कार्यप्रणाली देश के कोने-कोने तक पहुंच गई है। मामला उल्टा पड़ने पर एनएचएआई अब मनपा के दरवाजे पर आ पहुंची और अतिक्रमण हटाने की मांग की। मंगलवार को मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी ने इस पर मनपा में एक बैठक की। बैठक में मुख्य अभियंता मनोज तालेवार, गांधीबाग जोन के सहायक आयुक्त, कार्यकारी अभियंता, शहरी नियोजन सलाहकार प्रमोद गावंडे, एनएचएआई के अधिकारी और प्रन्यास के टेंडर विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

पट्टे पर दी गई है जमीन

सूत्रों के अनुसार फ्लाईओवर के कारण चर्चा में आए मकान का क्षेत्र स्लम के अंतर्गत आता है। यह जमीन कब्जे के लिए अनुपयुक्त है और इसे पहले ही पट्टे पर दिया गया है। अब अतिक्रमण की गई जमीन की मात्रा की गणना करने के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि संबंधित मकानधारक को अतिक्रमण हटाने के संबंध में नोटिस जारी किया जाएगा और फिर कार्रवाई की जाएगी।

यही कारण रहा कि आयुक्त ने एनएचएआई के अधिकारियों को इस भूमि पर फ्लाईओवर के प्लान के बारे में जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, साथ ही उन प्रत्येक खंड के प्लान के बारे में भी जानकारी मांगी जहां से फ्लाईओवर गुजर रहा है। विशेष रूप से एनएचएआई द्वारा शहर से फ्लाईओवर का निर्माण करते समय मनपा को विश्वास में लेने की अपेक्षा की गई थी लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया।

अधिकारियों ने लिया जायजा

2 दिन पहले ही मनपा के अधिकारियों ने इस मकान का निरीक्षण किया था। मकान का एक चौथाई मीटर हिस्सा फ्लाईओवर में जा रहा है। इस निरीक्षण के दौरान मकान मालिक द्वारा अतिक्रमण की बात भी सामने आई। मकान का यह हिस्सा अन्य मकानों की तुलना में आगे की ओर था। जब मनपा के अधिकारी दरवाजे पर आए तो मकान मालिक ने कुछ अतिक्रमण हटा लिया था। इस बीच मकान मालिक ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाकर मामले पर पूर्णविराम लगाने का प्रयास किया है।

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