Nagpur Collector Office Building News: नागपुर जिलाधिकारी कार्यालय की नई इमारत निर्माण के लिए राज्य सरकार ने मार्च 2023 में ही 271.34 करोड़ रुपये निधि मंजूर की थी लेकिन कुछ तकनीकी कारणों के साथ ही परिसर के वर्षों पुराने पेड़ों की कटाई को लेकर आए आक्षेप के कारण निर्माण कार्य लटक गया था।
बेसमेंट की खुदाई के बाद निर्माण कार्य महीनों अटका रहा और कोर्ट की हरी झंडी मिलते ही अब निर्माण कार्य ने तेज गति पकड़ ली है। अब तल मंजिल का निर्माण कार्य नजर आ रहा है। यहां 11 मंजिल प्रशासकीय इमारत साकार होने वाली है।
मंजूरी के बाद इसे 2 वर्षों में पूर्ण किया जाना था मतलब अगर समय पर निर्माण शुरू हुआ होता तो आज यह पूर्ण हो गया होता। अब इसके वर्ष 2027 के अंत तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।
बताते चलें कि पहले यह इमारत 7 मंजिल बनने वाली थी लेकिन और तत्कालीन वित्त मंत्री स्व. अजीत पवार ने इसके लिए 200 करोड़ रुपयों के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। बाद में प्रस्ताव व डिजाइन में सुधार कर इसे 11 मंजिला कर दिया गया है।
कलेक्ट्रेट की नई इमारत का निर्माण कार्य महाराष्ट्र राज्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकास महामंडल यानी एमएसआईडीसी द्वारा किया जा रहा है। जिसे राज्यभर में सड़कें, ब्रिज, एयरपोर्ट सहित महत्वपूर्ण प्रकल्पों के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने गठित किया है। एमएसआईडीसी अपनी
जिम्मेदारी वाले प्रोजेक्ट को समय पर या फिर समय से पूर्व ही साकार करने के लिए जानी जाती है।
देखना होगा स्मार्ट कलेक्ट्रेट का निर्माण समय पर पूरा होगा या नहीं। यह भी बताते चलें कि पहले मेट्रो रेल को इस इमारत के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन मेट्रो के नये अधिकारियों ने निर्माण कार्य में कोई रुचि
नहीं दिखाई।
पीडब्ल्यूडी विभाग की लेटलतीफ कार्यप्रणाली को देखते हुए सरकार यह प्रोजेक्ट उसे नहीं सौंपना चाहती थी। मेट्रो विभाग द्वारा रुचि नहीं दिखाये जाने के चलते स्मार्ट कलेक्ट्रेट की नई इमारत का निर्माण कार्य महाराष्ट्र राज्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकास महामंडल को सौंपा गया है।
नई प्रशासकीय इमारत का निर्माण कार्य परिसर की पुरानी हेरिटेज इमारत को बिना छेड़े किया जा रहा है। पुरानी इमारत वैसी की वैसी ही रहेगी, नई बिल्डिंग निर्माण के लिए तहसील कार्यालय से सेतु केन्द्र, खनिकर्म व उत्पाद शुल्क विभाग की पुरानी इमारतों सहित संजय गांधी निराधार कार्यालय वाली पुरानी बिल्डिंग को तोड़ा जाएगा, सेतु केन्द्र व खनिकर्म व उत्पाद शुल्वा विभाग की इमारत तोड़ी जा चुकी है।
तहसील कार्यालय शिफ्ट हो गया है। नई इमारत में पूरा राजस्व विभाग आ जाएगा जिसमें विभागीय आयुक्त कार्यालय भी शामिल है। विभागीय आयुका, उपायुक्त सहित राजस्व विभाग से संबंधित सभी कार्यालय पा ही छत के नीचे रहेंगे जिससे नागरिकों को भी किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
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बताते चले कि तत्कालीन जिलाधिकारी आर. विमला ने अपने कार्यकाल में नई इमारत का 200 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था जिसे मविआ सरकार ने मान्यता दी थी। फिर सरकार बदल गई, उसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी विपिन इटनकर ने जरूरत के अनुसार डिजाइन में अनेक सुधार का सुझाव दिया, प्रस्ताव ने कुछ नई चीजों का समावेश किया गया, जर्मन आर्किटेक्चरर द्वारा इमारत की डिजाइन तैयार करवाई गई है जिसमें 2 टावरों की बीच से जोड़ा गया।