प्रशांत पवार-अजित पवार-अनिल अहिरकर (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

NCP में नाराजगी का नाटक पड़ा भारी, शहर अध्यक्ष पवार को हटाया, अहिरकर को मिली अहम जिम्मेदारी

NCP Politics in Nagpur: नागपुर में अजित पवार गुट में नाराजगी का नाटक करना शहर अध्यक्ष को भारी पड़ गया। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने नागपुर दौरे के दौरान फेरबदल कर दिया है।

प्रिया जैस

Nagpur NCP Politics: नागपुर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) में कलह और लगातार बढ़तीं शिकायतों का असर अब सीधे संगठनात्मक बदलाव के रूप में सामने आया है। मंगलवार देर रात पार्टी नेतृत्व ने बड़ा निर्णय लेते हुए शहर अध्यक्ष प्रशांत पवार को उनके पद से हटाकर अनिल अहिरकर को नई जिम्मेदारी सौंप दी।

इस बदलाव से पहले कुछ ही दिन पहले उपमुख्यमंत्री अजित पवार नागपुर आए थे। इस दौरे में उन्होंने पदाधिकारियों की बैठकों में कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई थी। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की लगातार बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पवार ने संगठनात्मक फेरबदल करने का संकेत दिया था।

प्रशांत को समायोजन, वनवे को भी जिम्मेदारी

पद से हटाए गए प्रशांत पवार को प्रदेश सचिव और प्रदेश प्रवक्ता पद देकर पार्टी ने उन्हें संतुलित करने की कोशिश की है। वहीं कांग्रेस से राष्ट्रवादी में आए वरिष्ठ नेता व पूर्व विपक्षी दल के नेता तानाजी वनवे को भी प्रदेश सचिव पद देकर सम्मानित किया गया है। इससे यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि पार्टी अपने वरिष्ठों और अनुभवी नेताओं की उपेक्षा नहीं करेगी।

अंदरूनी कलह और शिकायतें

पिछले कुछ महीनों से नागपुर में राष्ट्रवादी के कार्यकर्ताओं में असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। आरोप था कि स्थानीय स्तर पर पदाधिकारियों की शिकायतों को अनसुना किया जाता है और मंत्रियों से भी कार्यकर्ताओं की मुलाकात मुश्किल होती है। प्रशांत पवार के नेतृत्व पर कई पदाधिकारियों ने सवाल उठाए थे। पूर्व संपर्क प्रमुख राजेंद्र जैन और कार्याध्यक्ष प्रफुल पटेल ने भी सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी।

आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर निर्णय

ऐन महापालिका चुनाव से पूर्व पार्टी ने अनुभवी नेता अनिल अहिरकर को शहर अध्यक्ष बनाकर संगठन को नया नेतृत्व दिया है। अहिरकर पहले भी शहर अध्यक्ष रह चुके हैं और प्रदेश सचिव पद पर कार्य कर चुके हैं। पार्टी को उम्मीद है कि उनके राजनीतिक और सामाजिक अनुभव का फायदा आगामी महापालिका चुनाव में मिलेगा।

नए शहर अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही पूर्व की कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया। अब नए पदाधिकारियों को मौका मिलेगा। शहर कार्याध्यक्ष श्रीकांत शिवरकर ने कहा कि आने वाले समय में संगठन में अच्छे कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा और नए नेतृत्व की परीक्षा महापालिका चुनाव में होगी।

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