Navbharat Education Summit 2026: नागपुर शिक्षा ही सबसे बड़ी पूंजी है जो जीवन को संपूर्णता और सफलता की दिशा देती है।' शिक्षा वह अडिग आधार है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है और जीवन में प्रगति की दिशा दिखाती है। नई शिक्षा नीति का लक्ष्य ही भारत को ज्ञान के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति बनाने का है।
इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए 'नवभारत' भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हुए 'नवभारत एजुकेशन समिट 2026' का आयोजन 11 जुलाई को सुबह 10 बजे रामदासपेठ स्थित होटल सेंटर पॉइंट में करने जा रहा है। इस आयोजन में विदर्भभर के स्कूलों के प्राचार्य और देशभर से शिक्षा जगत के एक्सपर्ट्स लीडर्स हिस्सा ले रहे हैं।
स्कूलों के प्राचार्य और एक्सपर्ट्स भविष्य की शिक्षा नीति पर अपने विचार रखेंगे और नई शिक्षा नीति को जानेंगे। शिक्षार्थी का संपूर्ण विकास साक्षरता, संख्या ज्ञान, तार्किकता, समस्या समाधान, नैतिक, सामाजिक, भावनात्मक मूल्यों के विकास के द्वारा संभव किया जाना ही नई शिक्षा नीति का उद्देश्य है। शिक्षा के बलबूते ही देश का विकास तेजी से होता है। आज दिन-प्रति दिन नई-नई टेक्नोलॉजी का विकास होता जा रहा है।
विदर्भ के इस सबसे बड़े महामंच पर शिक्षा के दिग्गज एक साथ आकर विविध टॉपिक्स पर पैनल डिस्कशन करेंगे। समिट में मुख्य अतिथि के रूप में गृह (ग्रामीण), गृह निर्माण, शालेय शिक्षण, सहकार और खनिकर्म राज्य मंत्री पंकज भोयर व विशेष अतिथि आईआईएम नागपुर के डायरेक्टर डॉ. भिमराया मैत्री और विभागीय शिक्षण उपसंचालक डॉ. माधुरी सावरकर संबोधित करेंगी।
इसके साथ ही नागपुर सहित पूरे विदर्भ से प्रमुख स्कूलों के प्राचार्यों का सम्मान किया जाएगा। सभी एक्सपर्ट्स जहां छात्रों के भविष्य को लेकर अपने विचार रखेंगे वहीं बच्चों को मार्गदर्शन करेंगे।
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वानखेड़े मैडम एकेडमी, सेंट्रल प्रोविंशियल स्कूल, सेंट पॉल स्कूल सीबीएसई, झूलेलाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेडीड्रिम्स एजुकेशन व सांदीपनि कार्यक्रम के एसोसिएट स्पॉन्सर हैं।