नागपुर जिला परिषद (सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

25 साल से फाइलों में दफन नागपुर का 'बचत गट मॉल', सरकारें बदले पर नहीं बदली किस्मत, ZP की जमीन पर अब भी सन्नाटा

Nagpur Real Estate News: नागपुर जिला परिषद की बेशकीमती जमीनों पर महिला बचत गट और किसानों के लिए व्यावसायिक संकुल बनाने की योजनाएं दशकों से कागजी खेल में उलझी हैं।

आकाश मसने

Nagpur ZP Mahila Bachat Gat Mall: नागपुर शहर में स्थित जिला परिषद की बेशकीमती जमीनों पर महिला बचत गट, किसानों के लिए गाले व आय के स्रोत बढ़ाने के लिए अन्य व्यावसायिक संकुल बनाने की घोषणाओं और कागजी सर्कस का खेल जारी है। 20-25 वर्षों से बड़कस चौक महल स्थित 612 वर्गमीटर जमीन पर महिला बचत गट के लिए संकुल बनाने का कागजी सर्कस चल रहा है लेकिन सरकारें व मंत्री बदलते गए और किसी ने निधि नहीं दी।

इस प्रोजेक्ट का इस्टीमेट, डिजाइन, नक्शा सबकुछ तैयार है और कई बार सुधारित प्रस्ताव तक दिया जा चुका है लेकिन मामला टेबल में पड़ी फाइल से आगे नहीं बढ़ पाया है।

बीते वर्ष अप्रैल 2025 में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणा की थी कि जेडपी की मालिकी की जमीनों मौजा अजनी स्थित साईं मंदिर के समीप 9,749 वर्गमीटर, झिंगाबाई टाकली की 24,432 वर्गमीटर और महल स्थित 612 वर्गमीटर जमीन पर व्यावसायिक संकुल साकार किए जाएंगे। इसके लिए नियोजन व प्राथमिक रिपोर्ट पूर्ण करने का निर्देश भी उन्होंने जिला परिषद प्रशासन को दिया था। हालत यह है कि उसके बाद अब तक कुछ नहीं किया गया।

ठेंगा दिखाते रहे सभी

नागपुर जिले की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम करने महिला बचत गटों के उत्पाद के लिए शहर में बचत गट मॉल्स बनाने की घोषणा लगभग 20 वर्षों से की जा रही है। जिसकी भी सरकार बनी उसके नेता, मंत्रियों ही नहीं सीएम व केन्द्रीय मंत्री तक ने हर चुनाव में इसकी घोषणा की। 25 करोड़ निधि की भी घोषणा जोरशोर से की गई लेकिन आज तक किसी सरकार ने अपनी घोषणा को अमल में नहीं लाया।

जिला परिषद में भाजपा की सत्ता के समय तक निधि नहीं दी गई। फिर कांग्रेस की सत्ता आई तो महाविकास आघाड़ी में शामिल होने के बावजूद कांग्रेस के मंत्री भी निधि नहीं दिलवा पाए। अब एक बार फिर राज्य के राजस्व व जिला पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने एक की जगह 3-3 मॉल्स बनाने की घोषणा की है लेकिन उसे भी 10 महीने बीत गए हैं। महिला बचत गटों को उम्मीद है कि यह घोषणा खोखली साबित नहीं होगी। तीनों प्रकल्प जल्द साकार हुए तो ग्रामीण भागों की महिलाओं, महिला उद्यमियों व किसानों के उत्पाद व उपजों को सिटी में अच्छा मार्केट उपलब्ध हो पाएगा।

कहां कितनी जमीन

  • मौजा अजनी- 9,749 वर्गमीटर
  • झिंगाबाई टाकली- 24,432 वर्गमीटर
  • बड़कस चौक महल- 612 वर्गमीटर

खुद ही बना लिया सरपंच भवन में मॉल

राज्य सरकार से बड़कस चौक महिला बचत गट के लिए बार-बार निधि की मांग करने पर भी जब सरकार ने नहीं दी तो जिला परिषद के पूर्व पदाधिकारियों ने सरपंच भवन की पेट्रोल पंप वाली जमीन पर जिला परिषद की निधि से ही बचत गट के लिए मिनी मॉल तैयार करने की योजना बनाई। आज वह इमारत साकार हो रही है। इसके लिए महिला व बाल कल्याण विभाग की 3 करोड़ की निधि का उपयोग किया गया है।

पूर्व जिप अध्यक्ष रश्मि बर्वे की संकल्पना से यह साकार किया गया है। उसी दौरान झिंगाबाई टाकली की जमीन पर फूड कोर्ट को मंजूरी दी गई थी और काटोल रोड स्थित शाला मैदान पर स्पोर्ट्स जोन मंजूर किया गया था लेकिन एक वर्ष पूर्व प्रशासक राज आया तो इन प्रस्तावों को रद्द कर दिया गया।

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