Bombay High Court Nagpur Bench: नागपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को सक्षम प्राधिकरणों द्वारा हार्ट और लिवर प्रत्यारोपण की अनुमति मिल चुकी है, लेकिन आवश्यक मशीनरी और उपकरणों के अभाव में यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। यह जानकारी न्यायालय मित्र अधिवक्ता अनूप गिल्डा ने बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ के समक्ष दी। उन्होंने जरूरतमंद मरीजों के हितों की रक्षा के लिए उचित आदेश जारी करने का आग्रह भी किया।
अधिवक्ता गिल्डा ने शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मेडिकल) में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों और मरीजों की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सहायक कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त नहीं है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मेडिकल में 301 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती को मंजूरी दी है, लेकिन अस्पताल की संवेदनशीलता को देखते हुए यह संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। साथ ही सुरक्षा संबंधी समिति की बैठकें नियमित रूप से नहीं हो रही हैं।
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विदर्भ के सरकारी अस्पतालों के विकास को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अनिल किलोर और राज वाकोड़े की खंडपीठ के समक्ष हुई। न्यायालय ने अधिवक्ता गिल्डा द्वारा उठाए गए मुद्दों पर राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।