शालार्थ आईडी स्कैम अपडेट (फाइल फोटो) 
नागपुर

Shalarth ID Case: अनिल दहिफले ने संभाला कार्यभार, घोटालेबाजों में मचा हड़कंप! अब पटरी पर लौटेगा शिक्षा विभाग?

Shalarth ID Scam Updates: नागपुर को 6 महीने बाद मिले पूर्णकालिक माध्यमिक शिक्षाधिकारी। अनिल दहिफले ने संभाला पदभार। शालार्थ घोटाले के बाद अटकी फाइलों का निपटारा होगी बड़ी चुनौती।

प्रिया जैस

Education Department Corruption: बोगस शालार्थ आईडी प्रकरण के चलते सुर्खियों में रहे शिक्षा विभाग को आखिरकार 6 महीने की लंबी प्रतीक्षा के बाद पूर्णकालिक माध्यमिक शिक्षणाधिकारी मिल गए हैं। अनिल दहिफले ने प्रभारी शिक्षणाधिकारी प्रवीण कांबले से पदभार ग्रहण किया। उनकी नियुक्ति से कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है।

शालार्थ आईडी घोटाले के उजागर होने के बाद संस्था संचालकों, 6 वरिष्ठ अधिकारियों, मुख्याध्यापकों, कर्मचारियों और शिक्षकों पर कार्रवाई हुई है। कई मामलों में पुलिस कार्रवाई के बाद विभाग का कामकाज लगभग ठप हो गया। स्थिति ऐसी थी कि कोई भी अधिकारी प्रभार लेने को तैयार नहीं था।

अनिल दहिफले ने संभाला कार्यभार

पिछले कुछ महीनों से विभाग प्रभारी अधिकारियों के भरोसे चल रहा था। पदोन्नति के जरिए नियुक्त हुए दहिफले ने कार्यभार संभालते ही कामकाज की समीक्षा शुरू कर दी। उन्होंने सीईओ कार्यालय में मुलाकात की और उपसंचालक से भी मिले। उनके साथ हाल ही में नियुक्त तीन उपशिक्षणाधिकारी भी विभाग में कार्यरत हैं, जिससे टीम को मजबूती मिलने की उम्मीद है। घोटाले में शामिल शिक्षकों पर अंतिम कार्रवाई लंबित है। इसके अलावा चयन श्रेणी, मान्यता, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, पेंशन और शालार्थ आईडी से जुड़े कई प्रकरण अटके पड़े हैं। जावक रजिस्टर की प्रविष्टियां तक नहीं मिल रही हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।

प्रलंबित फाइलों की भरमार

कार्यालय का वातावरण भी पिछले कुछ महीनों से तनावपूर्ण बना हुआ है। कर्मचारियों के बीच विवाद, महिला कर्मचारियों के बीच झगड़े और फाइलों के गायब होने की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। संस्था संचालकों और शिक्षक संगठनों की ओर से रोजाना शिकायतें आ रही हैं।

विभाग में फाइलों के ‘अर्थकारण’ से जुड़ी एक कथित टोली के सक्रिय होने की भी चर्चा है, जिस पर लगाम लगाना नए शिक्षणाधिकारी के सामने बड़ी चुनौती होगी। इन परिस्थितियों में अनिल दहिफले के सामने न केवल विभाग की व्यवस्था को पटरी पर लाने की जिम्मेदारी है, बल्कि नागपुर के शिक्षा मॉडल को वरिष्ठ अधिकारियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की भी कसौटी है। दूसरी ओर प्राथमिक शिक्षा विभाग और योजना शिक्षाधिकारी की प्रतीक्षा अब भी जारी है।

पंजाब में चिट्टे पर गरमाई सियासत! शाह का मान पर वार, बोले- पंजाब को नशा मुक्त करके रहेंगे

उमर खालिद और शरजील इमाम को फिर झटका, दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत अर्जी की खारिज

लालू परिवार की बढ़ीं मुश्किलें! ट्रांसफर के बाद नए जज प्रशांत कुमार करेंगे लैंड फॉर जॉब मामले की सुनवाई

विवाद के बाद ECI ने फॉर्म 6 में किया बदलाव, SIR से जुड़ा Annexure-D को हटाया; लेकिन इन राज्यों में रहेगा जारी

INDIA Bloc Meeting: EVM से बैलेट पेपर तक, राहुल के सारे सबूत गए बेकार, अब खरगे ने रखीं चुनाव सुधार की 6 मांगें