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नागपुर में 16 अक्टूबर से 10% पानी कटौती के निर्देश लागू होने की जानकारी दी गई है।
सतपुड़ा बॉटनिकल गार्डन में 40 मिमी व्यास के नए जल कनेक्शन की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं।
दस्तावेजों के अनुसार, कनेक्शन का अनुमानित खर्च 48,061 था।
23 सितंबर 2026 को 29,379 जमा किए जाने की रसीदें उपलब्ध होने का दावा है।
अनुमानित खर्च और जमा राशि के बीच 18,682 का अंतर है।
Satpura Botanical Garden Nagpur: नागपुर शहर में जहां 16 अक्टूबर से 10 प्रतिशत पानी की कटौती के निर्देशों के बाद से ही जल संकट की आहट सुनाई दे रही है वहीं दूसरी ओर सेमिनरी हिल्स स्थित सतपुड़ा बॉटनिकल गार्डन में निजी व्यावसायिक परियोजना के लिए महानगरपालिका और ऑरेंज सिटी वाटर द्वारा 40 मिमी व्यास का नया जल कनेक्शन देने की कवायद की जा रही है।
इसकी भनक लगते ही स्थायी समिति के सदस्य एवं पार्षद अभिजीत झा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिकों को पीने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है।
तब निजी ठेकेदार की व्यावसायिक परियोजना के लिए महानगरपालिका की जलापूर्ति व्यवस्था से कनेक्शन देने की इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है। संबंधित कनेक्शन पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग भी उन्होंने की है।
गतिविधियां डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के अधीन सतपुड़ा बॉटनिकल गार्डन की जमीन करीब 6 वर्ष पहले मनीष मेहाडिया की कंपनी सत्यगीता इन्फ्रा डील्स प्राइवेट लिमिटेड को 10 वर्षों के लिए संचालन हेतु दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस परिसर में होटल, रिसॉर्ट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। संबंधित परिसर में पहले से ही बोरवेल के रूप में पानी का स्वतंत्र स्रोत उपलब्ध होने के बावजूद जलापूर्ति व्यवस्था से नया व्यावसायिक कनेक्शन लेने की प्रक्रिया शुरू की गई।
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, सत्यगीता इन्फ्रा डील्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर 31 अगस्त 2026 को 40 मिमी व्यास के नए जल कनेक्शन के लिए 48,061 रुपये का अनुमानित खर्च तैयार किया गया था। इसमें वाटर मीटर, पाइपलाइन, बॉल वॉल्व, खुदाई तथा सड़क को पूर्ववत करने के कार्यों का समावेश है।
इसके बाद 23 सितंबर 2026 को नागपुर महानगरपालिका के जलापूर्ति विभाग में 15,000 रुपये सुरक्षा जमा और 14,379 रुपये सेवा कनेक्शन शुल्क सहित कुल 29,379 रुपये जमा किए जाने की रसीदें उपलब्ध है।
इस प्रकार 48,061 रुपये के अनुमानित खर्च और वास्तव में जमा किए गए 29,379 रुपये के बीच 18,682 रुपये के अंतर को लेकर भी प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगा गया है। हालांकि अनुमानित राशि पूरी तरह देव थी या उसमें कुछ खर्च अलग से शामिल थे, इसकी जांच आवश्यक है।
नागपुर शहर के कई इलाकों में गंभीर जल संकट के कारण नागरिकों को कम दबाव तथा अनियमित जलापूर्ति का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में निजी व्यावसायिक परियोजना के लिए 40 मिमी व्यास की नई जलापूर्ति लाइन उपलब्ध कराने की आवश्यकता क्या है? यह गंभीर सवाल है।
संबंधित जमीन कृषि विश्वविद्यालय के स्वामित्व में होने के कारण क्या विश्वविद्यालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया गया था? क्या मूल अनुबंध में होटल, रिसॉर्ट अथवा अन्य व्यावसायिक उपयोग की अनुमति दी गई है?
परियोजना के लिए कितनी मात्रा में पानी स्वीकृत किया गया है? क्या आसपास के नागरिकों को जलापूर्ति प्रभावित नहीं होने की पुष्टि की गई है? इन सभी पहलुओं की जांच आवश्यक है।