आरटीई प्रवेश (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

RTE: एडमिशन प्रक्रिया में देरी, पैरेंट्स की बढ़ीं टेंशन, सरकार ने प्रस्ताव को अब तक नहीं दी मंजूरी

RTE Admissions Nagpur: नागपुर RTE प्रवेश 2026 के अनुसार 7000 सीटों के लिए प्रक्रिया में देरी हुई। सरकार से मंजूरी का इंतजार। जानें पिछले वर्ष के आंकड़े और प्रवेश प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति।

प्रिया जैस

Right to Education Admissions: राज्य में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भी प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी गई। प्रवेश प्रक्रिया में देरी से फिर अधिक सीटें खाली रहने की संभावना बढ़ सकती है।

पिछले वर्ष दिसंबर में शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया में सबसे अधिक प्रवेश हुए थे। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के छात्रों को मुफ्त और सही शिक्षा प्रदान करने के लिए प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश प्रक्रिया लागू की जाती है। राज्य में 8,000 से

अधिक स्कूलों में प्रवेश के लिए

1 लाख से अधिक सीटें उपलब्ध हैं। सीबीएसई, आईसीएसई और राज्य बोर्ड से संबद्ध स्कूलों द्वारा प्री-प्राइमरी और प्रथम स्तर पर आरटीई के तहत प्रवेश दिए जाते हैं। आरक्षित सीटों पर प्रवेशित छात्रों की फीस शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों को दी जाती है। यही कारण है कि हर वर्ष आवेदन करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। नागपुर जिले में करीब 650 स्कूलों में 7,000 से अधिक सीटें उपलब्ध हैं। पिछले वर्ष इन सीटों के लिए करीब 35,000 आवदेन प्राप्त हुए थे।

  • 650 स्कूल जिले में शामिल
  • 7,000 से ज्यादा सीटों पर प्रवेश
  • 35,000 से ज्यादा आवेदन पिछले वर्ष

आरटीई का नतीजा

पिछले वर्ष आरटीई प्रवेश प्रक्रिया अपेक्षाकृत जल्दी, यानी दिसंबर में शुरू हो गई थी। इसका अच्छा नतीजा यह रहा कि राज्य भर में 88 हजार से ज्यादा एडमिशन हुए थे और करीब 21 हजार सीटें खाली रह गई थीं। वहीं नागपुर जिले में 6,500 से ज्यादा प्रवेश ज्यादा प्रवेश हुए थे। प्रवेश प्रक्रिया के कुल पांच राउंड लिए गए थे। स्टेट बोर्ड को छोड़कर बाकी स्कूलों का शैक्षणिक सत्र जल्दी शुरू हो जाता है।

पिछले वर्ष की तरह ही इस बार समय पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद थी लेकिन दिसंबर बीत गया और नया वर्ष लग गया है, लेकिन अब तक प्रक्रिया का अता-पता नहीं है। पैरेंट्स का भी ध्यान प्रक्रिया की ओर लगा हुआ है। आरटीई प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव सरकार को दिया गया है। केंद्र सरकार ने आरटीई एक्ट में जो बदलाव किए हैं, उनके मुताबिक राज्य सरकार ने भी समय-समय पर बदलाव किए हैं।

सरकार को सौंपी रिपोर्ट

हालांकि शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष जनवरी में शिक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी। जिसमें कहा गया था कि 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रक्रिया लागू करने में आने वाली मुश्किलों को लेकर समय पर संशोधन करना और सभी नियमों को पारदर्शी तरीके से शामिल कर नया नोटिफिकेशन जारी करना जरूरी है। इस कमेटी की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार सरकार के स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं की गई।

आरटीई प्रवेश प्रक्रिया के लिए प्राथमिक शिक्षा विभाग की ओर से सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद प्रक्रिया की शुरुआत होगी। इस संबंध में अब तक कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। यह समूची प्रक्रिया मुख्यालय के माध्यम से ही तय होती है। इस बार प्रक्रिया में एक महीने की देरी तो हुई है।

- निखिल भुयार, शिक्षाधिकारी, प्राथमिक विभाग

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