वंदे भारत (सौजन्य-IANS) 
नागपुर

Vande Bharat: भारत की सबसे लंबी वंदे भारत सर्विस बनी ‘ब्लॉकबस्टर’, 12 घंटे में रिकॉर्ड कमाई

Diwali Special Vande Bharat: दिवाली के व्यस्त यात्रा सीजन में अजनी और पुणे रेल मंडलों के बीच दौड़ रही अजनी-पुणे-अजनी वंदे भारत एक्सप्रेस ने यात्रियों को बड़ी राहत दी।

प्रिया जैस

Nagpur-Pune Vande Bharat: अजनी-पुणे-अजनी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन ने यात्रियों की संख्या और राजस्व, दोनों मामले में सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। दिवाली सीजन के दौरान 17 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2025 के बीच नागपुर से पुणे रूट पर इस वंदे भारत में 125 प्रतिशत की ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई जबकि पुणे से नागपुर रूट पर यह आंकड़ा 145 प्रतिशत रहा। केवल 10 फेरियों में दोनों ट्रेनों में कुल 14,387 यात्रियों ने यात्रा की जो एक रिकॉर्ड है।

रिकॉर्ड 2 करोड़ से अधिक की आय

ट्रेन 26102 अजनी-पुणे वंदे भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 125 प्रतिशत से अधिक यात्री क्षमता के साथ सफर तय किया। इस दिशा में कुल 6,666 यात्रियों ने यात्रा की और रेलवे ₹91,72, 669 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं ट्रेन 26101 पुणे-अजनी वंदे भारत में इस अवधि में कुल 7,721 यात्रियों ने इस ट्रेन में यात्रा की। इससे रेलवे को ₹1,08,91,252 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह ट्रेन अपने नियमित यात्रियों की तुलना में 145 प्रतिशत अधिक भराव के साथ चली। इस प्रकार दोनों दिशाओं में मिली यह सफलता मध्य रेलवे के लिए गर्व का विषय है।

टाइमिंग की अफवाहों को दिखाया ठेंगा

नागपुर और पुणे के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन 10 अगस्त, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। यह ट्रेन 881 किलोमीटर की दूरी लगभग 12 घंटे में तय करती है और भारत की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली वंदे भारत ट्रेन है। ट्रेन 26102 अजनी से सुबह 09.50 बजे रवाना होकर रात 21.50 बजे पुणे पहुंचती है। वापसी में ट्रेन 26101 सुबह 06.25 बजे पुणे से चलकर शाम 18.25 बजे अजनी पहुंचती है। ट्रेन के शुरू होने से पहले ही इसकी टाइमिंग को लेकर अफवाहें उड़ने लगी थीं कि डे जर्नी और सिटिंग सिस्टम होने के कारण यात्री नहीं मिलेंगे। हालांकि उद्घाटन के तीसरे दिन से ही इस वंदे भारत एक्सप्रेस की सभी सीटें फुल हो गईं और वेटिंग लिस्ट शुरू हो गई। दिवाली के समय अजनी और पुणे से चलने वाली दोनों वंदे भारत एक्सप्रेस को यात्रियों के मिले प्रतिसाद ने इस अफवाह पर विराम लगा दिया।

360 बसों के यात्री हुए सवार

दशहरा और दिवाली के समय हमेशा ही लोगों को नागपुर और पुणे के बीच ट्रेन टिकट की मारामारी सहनी पड़ती रही है। इसका सीधा फायदा प्राइवेट बस संचालकों यानी ट्रैवल्स बस वालों को होता रहा। त्योहारी सीजन में एक ओर जहां बसों के किराये फ्लाइट को टक्कर देने का प्रयास करते हैं, तो यार्ड में खड़ी पुरानी खस्ताहाल बसें भी नागपुर और पुणे के लिए सवारी बटोरती नजर आती हैं।

इससे यात्रियों की जेब पर डाके के साथ जान का खतरा भी तैयार होता है। हालांकि अजनी-पुणे-अजनी वंदे भारत ने 10 फेरियों में करीब 360 स्लीपर बसों के जितने यात्रियों की किफायती और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित कर दी। इनमें नागपुर, वर्धा, अकोला, भुसावल और पुणे के यात्रियों ने वंदे भारत को प्राथमिकता दी।

पुणे वंदे भारत हिट

पुणे वंदे भारत सेवा शुरू से ही हिट रही है। त्योहारों के मौसम में नागपुर और पुणे के बीच इसे सुरक्षित, आरामदायक और किफायती यात्रा के साधन के रूप में काफी पसंद किया गया। हम आने वाले दिनों में और अधिक मूल्यवर्धित सेवाएं प्रदान करके इसे और बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

  • विनायक गर्ग, मंडल रेल प्रबंधक, मध्य रेल नागपुर मंडल - नवभारत लाइव के लिए नागपुर से सतीश दंडारे की रिपोर्ट

कंगना रनौत मुस्लिम समुदाय से मांगें माफी... भड़के वारिस पठान, कहा- भाजपा नेतृत्व ऐसे नेताओं पर लगाए लगाम

CJI सूर्यकांत के विरोध के बीच NLSIU ने 34वां दीक्षांत समारोह किया कैंसिल, 12 सितंबर को होना था आयोजन

बिहार में खुलेगी पहली ऑल-विमेन यूनिवर्सिटी, छात्रा से वीसी तक सब महिलाएं; सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान

22 हजार करोड़ के कर्ज पर सिर्फ 6.5 करोड़ में समझौता? सुभाष चंद्रा की कर्जमाफी पर विजय माल्या का तंज

जबलपुर में 600 करोड़ के T-72 टैंक प्रोजेक्ट का भूमि पूजन; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बड़ी सौगात