Nagpur Leopard Rescue Operation Video: तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच नागपुर में मानव-वन्यजीव संघर्ष गंभीर होता जा रहा है। नागपुर के शिवनगर, पारडी में बुधवार तड़के एक तेंदुए ने सात लोगों को घायल कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। तीन घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को पकड़ा गया। बुधवार तड़के 4 बजे, पारडी इलाके के शिवनगर में एक तेंदुए ने घुसकर 7 लोगों पर हमला किया। यह घटना शहर में बढ़ते जंगली जानवरों के खतरे की ओर इशारा करती है।
बुधवार की सुबह करीब 4 बजे के आसपास, नागपुर के पारडी स्थित शिवनगर की शांत गलियों में अचानक तेंदुए की मौजूदगी का एहसास हुआ। कुछ ही मिनटों में तेंदुए ने सड़क पर टहल रहे नागरिकों, काम पर निकलने वाले मजदूरों और घर से बाहर आए कुछ लोगों पर झपट पड़ा।
इस हमले में कुल सात लोग घायल हुए हैं। घायलों में कुंभकर्ण निषाद पर हुए हमले में उनके सिर पर गहरी चोट आई है। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर लेकिन नियंत्रण में है। बाकी छह घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया है। तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण और वन क्षेत्रों में मानवीय अतिक्रमण के बीच यह घटना शहर में बढ़ते मानव–वन्यजीव संघर्ष का गंभीर संकेत है।
तेंदुए के हमले की खबर फैलते ही पूरे शिवनगर में भय का माहौल बन गया, जिसके कारण तड़के बाहर निकलने वाले लोग घरों में ही कैद हो गए। तेंदुए की जानकारी मिलते ही वन विभाग, पुलिस और नागपुर महानगरपालिका की टीमें तत्काल सक्रिय हुईं। इलाक़े के विधायक कृष्ण खोपड़े भी तुरंत मौके पर पहुंचे।
इलाके में खोज अभियान शुरू किया गया और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित रूप से पकड़ा गया। हालांकि, पुलिस ने बताया कि इलाके में तेंदुए के दो और शावक होने की आशंका है। इस वजह से विशेष पथक (विशेष दल) को क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
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यह चिंताजनक है कि इसी पारडी-भांडेवाड़ी क्षेत्र में 15 दिन पहले भी तेंदुआ एक इमारत की दूसरी मंजिल तक चढ़ गया था। इसके बाद भी कई बार तेंदुए के दिखाई देने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
विधायक खोपड़े ने कहा कि सभी घायलों का इलाज जारी है, जिसका वहन राज्य सरकार करेगी। उन्होंने आगे कहा कि तेंदुए के बढ़ते आतंक को लेकर वह वन मंत्री से मुलाकात करेंगे और इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएंगे। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और नागरिकों ने वन विभाग से जल्द से जल्द उचित कदम उठाने और जंगली जानवरों के विचरण पर रोक लगाने की मांग की है।