(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
नागपुर

ऑपरेशन यू-टर्न का असर! नागपुर में सड़क हादसों में आई भारी गिरावट, शराबी चालकों में कार्रवाई का खौफ

Nagpur News: नागपुर पुलिस का ऑपरेशन यू-टर्न रंग ला रहा है। सड़क हादसों में मृत्युओं में 58 की कमी आई। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर सख्ती से हुआ अनुशासन और डर का माहौल।

आकाश मसने

Nagpur Police Operation U-Turn News: नागपुर शहर में सड़क हादसे कम करने और वाहन चालकों में अनुशासन लाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा ऑपरेशन यू-टर्न की शुरुआत की गई। बहुत कम समय में ही इसका असर भी देखने को मिल रहा है। जानलेवा हादसे कम करने में पुलिस को सफलता मिली है। बीते वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु में 58 की कमी आई है। डीसीपी ट्रैफिक लोहित मतानी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाएं वाहन चालकों की लापरवाही के चलते ही होती हैं। ऐसे में पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई से शराबियों में डर का माहौल है।

शराब पीकर वाहन चलाने से लोग बच रहे हैं। यही कारण है कि दुर्घटनाएं कम हुईं। जनवरी से अगस्त 2024 के बीच शहर में सड़क हादसों में 253 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। यह आंकड़ा बेहद गंभीर था। इसीलिए सीपी रविंद्र कुमार सिंगल ने एक्सीडेंट कम करने के लिए उपाययोजना करने के निर्देश दिए। पुलिस की सक्रियता से हादसे कम हुए हैं। इस वर्ष जनवरी से अगस्त तक 195 लोगों की मृत्यु हुई। हम यह आंकड़ा भी कम करने के लिए प्रयत्नरत हैं।

2,500 शराबी वाहन चालक पकड़ाए

एक्सीडेंट कम करने के लिए पुलिस वाहन चालकों पर कार्रवाई कर रही है और इसका असर भी दिख रहा है। रोजाना नागपुर शहर में 33 अलग-अलग जगहों पर बैरिकेड लगाकर नाकाबंदी की जाती है। शाम 7 बजे से रात 2 बजे तक पुलिस शराबी वाहन चालकों की जांच करती है। लगभग रोज 1,000 वाहन चालकों की जांच होती है।

अब तक 2,500 शराबी वाहन चालकों को पकड़ा जा चुका है। इस पर जुर्माना इतना अधिक है कि दोबारा शायद ही कोई शराब पीकर वाहन चलाए। इसके अलावा रैश ड्राइविंग करने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है। लगभग रोजाना 60 से ज्यादा लोगों के खिलाफ रैश ड्राइविंग के तहत बीएनएस की धारा 281 के तहत कार्रवाई की जाती है।

2471 पर ड्रिंक एंड ड्राइव की कार्रवाई

जोन अगस्त 2024 तक अगस्त 2025 तक
एमआईडीसी 100 290
सोनेगांव 75 272
सदर 79 239
सीताबर्डी 93 218
कॉटन मार्केट 68 264
लकड़गंज 172 237
अजनी 107 248
सक्करदरा 105 152
इंदोरा 172 273
कामठी 172 278
कुल 1143 2471

पिछले दो वर्षों की तुलना

समयावधि जानलेवा हादसे मृत्यु गंभीर हादसे गंभीर जख्मी
जनवरी से अगस्त 2024 238 253 334 436
जनवरी से अगस्त 2025 165 195 323 417

50 से ज्यादा पालकों के खिलाफ कार्रवाई

कम उम्र के बच्चों का वाहन लेकर रास्ते पर निकलना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कम उम्र के बच्चे हादसों का शिकार होते हैं। इसके लिए उन्हें वाहन देने वाले पालक जिम्मेदार हैं। इसीलिए पुलिस ने अब नाबालिगों को वाहन देने वाले पालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

MIDC जोन में सबसे ज्यादा हादसे

जोन अगस्त 2024 तक अगस्त 2025 तक
एमआईडीसी 56 54
सोनेगांव 16 05
सदर 21 18
सीताबर्डी 14 09
कॉटन मार्केट 05 11
लकड़गंज 08 05
अजनी 40 24
सक्करदरा 23 14
इंदोरा 32 28
कामठी 38 27

रोजाना 10 पालकों के खिलाफ मोटर वाहन कानून की धारा 199 अ के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्रों का मुआयना कर उपाययोजना की जा रही है। ब्लिंकर, झिगडैग बैरिकेडिंग, मनुष्यबल की तैनाती, सूचना फलक और रास्तों पर रंबलर लगाए जा रहे हैं।

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