फहीम खान (सौ. सोशल मीडिया ) 
नागपुर

Nagpur Violence के आरोपी फहीम खान की पत्नी ने दर्ज की जीत, नागपुर वार्ड का बदला समीकरण

Maharashtra Local Body Elections: नागपुर मनपा चुनाव में हिंसा मामले के मुख्य आरोपी फहीम शमीम खान की पत्नी अलीशा खान ने AIMIM के टिकट पर भाजपा उम्मीदवार को 1850 वोटों से हराकर जीत दर्ज की।

अपूर्वा नायक

Nagpur News In Hindi: महाराष्ट्र के निकाय चुनावों के नतीजों में नागपुर से एक चौंकाने वाला राजनीतिक परिणाम सामने आया है। नागपुर हिंसा मामले के मुख्य आरोपी फहीम शमीम खान की पत्नी अलीशा खान ने नागपुर महानगर पालिका चुनाव में जीत दर्ज की है।

अलीशा खान ने प्रभाग क्रमांक 3 से AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए भाजपा उम्मीदवार को 1850 मतों से पराजित किया। उन्हें कुल 9295 वोट मिले।

प्रभाग क्रमांक 3 में कुल चार पार्षद चुने जाने थे, जिनमें से तीन सीटों पर AIMIM के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जबकि भाजपा को केवल एक एससी आरक्षित सीट पर सफलता मिली। पिछले चुनाव में इसी प्रभाग से भाजपा ने तीन और कांग्रेस ने एक सीट जीती थी। इस बार समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आए।

इस वार्ड की कुल आबादी करीब 64,500 है। इनमें लगभग 31,000 हिंदू, 24,000 मुस्लिम और करीब 9,500 दलित मतदाता हैं। दलित मतदाताओं में से लगभग 2,000 लोग स्वयं को हिंदू समुदाय से जुड़ा मानते हैं। हिंदू बहुल आबादी होने के बावजूद AIMIM प्रत्याशी की जीत ने कई राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा रही कि हिंदू बहुल इलाकों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा, जबकि मुस्लिम बहुल इलाकों में बड़ी संख्या में मतदाता वोट डालने पहुंचे। बताया गया कि मुस्लिम इलाकों के कई मतदान केंद्रों पर 65 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जबकि हिंदू बहुल क्षेत्रों में यह आंकड़ा लगभग 40 प्रतिशत के आसपास रहा।

स्थानीय लोगों के अनुसार मुस्लिम इलाकों जैसे संघर्ष नगर, निजामुद्दीन कॉलोनी, महबूब पूरा, सर्वरा आबाद नगर, हामिद नगर, शाहनवाज लेआउट, संजय बैग कॉलोनी, राजीव गांधी नगर और बंदे नवाज नगर में मतदान अधिक हुआ।

वहीं पांडे की बस्ती, अरविंद नगर, संगम नगर, पवन नगर, शिवशक्ति नगर, विनोबा भावे नगर, संतोष नगर, नागसेवन और शिर्के लेआउट जैसे हिंदू बहुल इलाकों में मतदाता अपेक्षाकृत कम संख्या में घरों से निकले।

कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले कार्यकाल में चुने गए पार्षदों के कामकाज से लोगों में नाराजगी थी। विकास कार्यों की कमी को लेकर भाजपा के तीन और कांग्रेस के एक पूर्व पार्षद के खिलाफ असंतोष बताया जा रहा है। इसके बावजूद उन्हीं चेहरों को दोबारा टिकट दिए जाने से पार्टी कैडर में उत्साह की कमी देखी गई।

इसके अलावा आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार जया मोरे ने भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित किया। उन्हें 3529 वोट मिले, जिससे भाजपा के मतों में सेंध लगने की बात कही जा रही है। कांग्रेस को कुल 6003 वोट मिले, जिनमें बड़ी संख्या मुस्लिम और दलित इलाकों से आई।

प्रभाग क्रमांक 3 में मिले मत इस प्रकार रहे

AIMIM: 9225 वोट BJP: 7445 वोट Congress: 6003 वोट AAP: 3529 वोट

गौरतलब है कि फहीम शमीम खान इससे पहले नागपुर लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ चुका है, जहां उसे लगभग 5000 वोट मिले थे। नागपुर हिंसा के बाद इस नगर निगम चुनाव में उसकी पत्नी की जीत को मुस्लिम इलाकों में उसके प्रभाव में बढ़ोतरी के रूप में देखा जा रहा है।

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