Nagpur Municipal Corporation Security Proposal: नागपुर महानगर पालिका की सम्पत्तियों की सुरक्षा पुख्ता करने का दावा करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से अगले 2 वर्षों के लिए सुरक्षा के नाम 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव स्थायी समिति के समक्ष रखा गया। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहीं इसमें गड़बड़ी तो नहीं, इसकी आशंका जताते हुए प्रस्ताव को वापस भेजे जाने की जानकारी स्थायी समित्ति सभापति शिवानी दानी ने दी।
महानगर पालिका ने अपने विभिन्न विभागों, क्षेत्रीय कार्यालयों, संपत्तियों और इमारतों की सुरक्षा एवं देखरेख को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एजेंसी नियुक्ति की सिफारिश की। मनपा के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निजी सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से अनुबंध के आधार पर सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती के प्रस्ताव को मंजूरी देने का अनुरोध किया।
सामान्य प्रशासन का मानना था कि नागपुर महानगर पालिका आयुक्त ने 10 अप्रैल 2026 को वर्ष 2026 से 2028 (दो वर्ष की अवधि) के लिए इस प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन और अन्य भतों के साथ ठेकेदारों के सेवा शुल्क की दरें आमंत्रित करने के लिए ई-निविदा प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस ई-निविदा की राज्य सरकार के 'महा-टेंडर' पोर्टल के साथ-साथ स्थानीय समाचार पत्रों में भी प्रकाशित किया जाएगा।
मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जब तक नई निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और नए कार्यादेश जारी नहीं किए जाते, तब तक वर्तमान में कार्यरत 4 निजी सुरक्षा एजेंसियों की सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा गार्डों और पर्यवेक्षकों की संख्या को बढ़ाने या घटाने का पूरा अधिकार मनपा आयुक्त को सौंपा गया है।
चर्चा के दौरान स्थायी समिति की सभापति ने कहा कि वर्षों से इन्हीं 4 कम्पनियों के साथ एग्रीमेंट कर काम सौंपा जा रहा है जिससे आशंका को बल मिल रहा है। सामान्य प्रशासन द्वारा स्थायी समिति को दिए गए प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान में मनपा प्रशासन निविदा प्रक्रिया के माध्यम से 4 निजी सुरक्षा एजेंसियों की सेवाएं ले रहा है, जिनके तहत 370 निजी सुरक्षा गार्ड कार्यरत हैं।
यह भी पढ़ें:-नागपुर में युवक बना शिकार, अमरावती रोड हादसे के बाद लूटकांड; दोस्तों के पहुंचने से बची चेन
सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और अनुशासित बनाने के लिए नए टेंडर में यह प्रस्ताव रखा गया है कि प्रत्येक 50 सुरक्षा गार्डों पर । सुरक्षा पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) की नियुक्ति की जाएगी। इन दोनों सेवाओं (गार्ड और सुपरवाइजर) के लिए अनुमानित वार्षिक खर्च 10 करोड़ रुपये आंका गया है।