संजय बंगाले, अविनाश ठाकरे, रमेश सिंगारे, दयाशंकर तिवारी कि तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया ) 
नागपुर

नागपुर मनपा में 10 स्वीकृत सदस्य पदों की जंग तेज, भाजपा-कांग्रेस की रणनीति से बदलेगा सत्ता का संतुलन

Nagpur News: नागपुर मनपा में 10 स्वीकृत सदस्यों को लेकर सियासी खींचतान तेज है। भाजपा-युति को 7 सीटें मिलने की संभावना, कांग्रेस आघाड़ी बनाकर 3 पर दावा कर रही है।

रूपम सिंह

Nagpur Municipal Corporation: नागपुर महानगरपालिका में भारी बहुमत से जीत के बाद भाजपा में जहां विभिन्न पदों के लिए रेस लगी हुई है वहीं दूसरी ओर 10 स्वीकृत सदस्यों में जगह बनाने के लिए भी कुछ वरिष्ठों में जद्दोजहद जारी है। उल्लेखनीय है कि 151 सदस्यों की संख्या वाली महानगरपालिका में नये नियमों के अनुसार अब स्वीकृत सदस्यों की अधिकतम संख्या 10 निर्धारित की गई है। पहले की तुलना में 5 अधिक होने के कारण अब इसमें जगह बनाने के लिए टिकट से वंचित कुछ कार्यकर्ता लामबंद होते दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरी ओर 102 पार्षदों के भारी बहुमत के बावजूद महानगरपालिका प्रशासन पर दबदबा बनाए रखने के लिए भाजपा कुछ वरिष्ठ पूर्व पार्षदों की 'बैकडोर एंट्री' कराने की जुगत में है। जानकारों की मानें तो कुछ नाम पहले से ही तय हो चुके हैं।

BJP को मिलेंगे 7 स्वीकृत सदस्य

नियमों के अनुसार मनपा में इस बार अधिकतम 10 स्वीकृत सदस्य होंगे, किस राजनीतिक दल के हिस्से में कितने स्वीकृत सदस्य जाएंगे। इसका सटीक आंकड़ा तो विभागीय कार्यालय में गुटों के पंजीयन के बाद ही उजागर होगा कितु प्राथमिक स्तर पर यदि भाजपा के साथ शिंदे सेना और अजीत पवार गुट के 1-1 सदस्य शामिल होकर युति बनाते हैं तो उनके युति की संख्या 104 होगी। ऐसे में उनके हिस्से में 6.88 सदस्य संख्या आ सकती है। चूंकि 0.88 यह 0.50 से अधिक है। ऐसे में उनके हिस्से में 7 स्वीकृत सदस्य होंगे।

कांग्रेस भी पा सकती है 3 सदस्य

मनपा में स्वीकृत सदस्यों की संख्या अधिकतम 10 है। चूंकि भाजपा के खाते में 7 स्वीकृत सदस्य होंगे। ऐसे में 3 सदस्यों के स्थान रिक्त रहेंगे जिनमें कांग्रेस की ओर से दावा किया जा सकता है किंतु इसके लिए कांग्रेस को कम से कम मुस्लिम लीग और उद्धव सेना को साथ में लेकर आघाड़ी करनी होगी जिससे उनकी आघाड़ी का बलाबल 2.64 होगा। चूंकि यह 2.5 से अधिक है, ऐसे में उसे भी 3 स्वीकृत सदस्यों के नाम देने का अधिकार प्राप्त होगा। यदि कांग्रेस की किसी भी दल के साथ आघाड़ी नहीं होती है तो उसे केवल 2 स्वीकृत सदस्यों पर संतोष करना होगा।

सदन में पार्टियों का बल

  • भाजपा: 102 सीटें
  • कांग्रेस: 34 सीटें
  • एमआईएम: 06 सीटें
  • मुस्लिम लीग: 04 सीटें
  • शिवसेना (उद्धव गुट): 02 सीटें
  • शिवसेना (शिंदे गुट): 01 सीट
  • राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार गुट): 01 सीट
  • बहुजन समाज पार्टी (बसपा): 01 सीट

पूर्व वरिष्ठ पार्षद ही संभालेंगे कमान

राजनीतिक जानकारों की मानें तो वर्तमान में चुनकर आए 102 पार्षदों में से कोई भी ऐसा पार्षद नहीं है जो सदन में या प्रशासन के भीतर आवाज बुलंद कर भाजपा की नीति के अनुसार कार्य को अंजाम दे सके जिससे कुछ वरिष्ठ पूर्व पार्षदों को बतौर स्वीकृत सदस्य भेजकर भाजपा उनके हाथों में कमान सौंपना चाहती है। माना जा रहा है कि भले ही नागपुर महानगरपालिका में भाजपा का महापौर और स्थायी समिति का सभापति हो या फिर सत्तापक्ष नेता, किंतु मनपा का संचालन सत्तापक्ष कार्यालय से इन्हीं वरिष्ठ पूर्व पार्षद के माध्यम से किया जाएगा, यहां तक कि पूरे 5 वर्ष विकास से संबंधित कोई भी फाइल इन स्वीकृत सदस्यों के बिना आगे नहीं बढ़ पाएगी। जानकारों की मानें तो इन स्वीकृत सदस्यों में संजय बंगाले, अविनाश ठाकरे, रमेश सिंगारे और पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी के नामों की चर्चा जोरों पर है।

- नवभारत लाइव के लिए नागपुर से ललेन्द्र करवाड़े की रिपोर्ट

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