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नागपुर के LITU परिसर में 500 विद्यार्थियों की क्षमता वाला बॉयज हॉस्टल बनाया जा रहा है।
इमारत में ग्राउंड फ्लोर सहित 12 मंजिलें होंगी।
प्रस्तावित हॉस्टल में ड्यूल ग्लास बाइफेशियल सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
अग्निशमन नेटवर्क, सुरक्षा दीवार, पार्किंग और व्यवस्थित सड़कें भी परियोजना का हिस्सा हैं।
SC, ST, OBC, दिव्यांग, अनाथ और EWS वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को नियमानुसार प्राथमिकता मिलेगी।
हॉस्टल से बाहर महंगे कमरों में रहने वाले विद्यार्थियों का खर्च कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
Lakshminarayanan Innovation Technological University: नागपुर शहर की प्रतिष्ठित लक्ष्मीनारायण इनोवेशन टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (LITU) परिसर में दूरदराज से आने वाले विद्यार्थियों को रहने के लिए एक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल ठिकाना मिलने जा रहा है।
यूनिवर्सिटी कैंपस में समाज कल्याण विभाग की विशेष पहल पर 500 विद्यार्थियों की क्षमता वाले एक भव्य बॉयज हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा तैयार की गई विस्तृत कार्ययोजना के तहत यह न केवल मध्य भारत के शैक्षणिक परिसरों में सबसे ऊंची इमारतों में से एक होगी बल्कि विदर्भ का पहला ऐसा हॉस्टल बनेगा जो अत्याधुनिक बाइफेशियल सोलर ऊर्जा तकनीक से जगमगाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रस्तावित छात्रावास को सर्वसुविधायुक्त और भव्य स्वरूप दिया जाएगा। इमारत के ग्राउंड फ्लोर सहित 12 मंजिलों वाली इस विशाल इमारत में छात्रों के रहने, पढ़ाई करने और मनोरंजन के लिए विशेष स्थान आरक्षित किए गए हैं। पीडब्ल्यूडी के अनुसार इमारत की आंतरिक सुंदरता और फिनिशिंग को ध्यान में रखा गया है।
पर्यावरण संरक्षण और बिजली की भारी बचत को ध्यान में रखते हुए इस इमारत की छत पर पारंपरिक सोलर पैनलों की जगह अत्याधुनिक 'ड्यूल ग्लास बाइफेशियल' सोलर मॉड्यूल पैनल लगाए जा रहे हैं।
यह पैनल दोनों तरफ से सूर्य की किरणों को अवशोषित कर 27 प्रतिशत तक अधिक बिजली उत्पन्न करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही पूरे परिसर के लिए हाई-कैपेसिटी मेन फायर पंप और ऑटोमैटिक फायर फाइटिंग नेटवर्क स्थापित की जा रही है जिससे परिसर में रहने वाले छात्रों की 24 घंटे पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
केवल मुख्य इमारत ही नहीं बल्कि छात्रावास के आसपास के पूरे भूभाग को खूबसूरती से तराशा जाएगा। हॉस्टल के बाहरी परिसर में पैदल चलने और वाहनों के आवागमन के लिए टिकाऊ स्टैम्प कंक्रीट पेवमेंट सड़कें, एलडीपीई वाटर बैरियर, सुव्यवस्थित रोड मार्किंग और आकर्षक ग्रिल गेट के साथ मजबूत सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। इसके अलावा बहुमंजिला इमारत में पर्याप्त पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
यूनिवर्सिटी में देश भर से यहां दाखिला लेने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है।
समाज कल्याण विभाग के माध्यम से विकसित हो रहे इस छात्रावास में नियमानुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, दिव्यांग, अनाथ तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश मिलेगा।
इससे विद्यार्थियों को कैंपस के बाहर महंगे कमरों और महंगे प्राइवेट मैस के वित्तीय बोझ से स्थायी मुक्ति मिलेगी और वे बेफिक्र होकर अपनी तकनीकी शिक्षा पूरी कर सकेंगे।